अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार सीईटी (संयुक्त पात्रता परीक्षा) पॉलिसी में संशोधन करने जा रही है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा आर्थिक-सामाजिक अंक हटाने के फैसले के बाद अब सरकार भी सीईटी से आर्थिक-सामाजिक अंकों को हटाने जा रही है। इससे पहले, जिन अभ्यर्थियों के माता-पिता नहीं हैं या फिर जिनकी आय 1.80 लाख से नीचे है, उनको 2.50 अंक अतिरिक्त दिए जाते थे। लेकिन अभ्यर्थियों ने इसका विरोध किया था और मामला हाईकोर्ट पहुंचा था।
अभी पदों के मुकाबले सीईटी पास 4 गुणा अभ्यर्थियों को मुख्य लिखित परीक्षा के लिए बुलाया जाता है, लेकिन अभ्यर्थियों की मांग है कि सीईटी को क्वालीफाई किया जाए। अब हरियाणा सरकार 7 गुणा अभ्यर्थियों को बुलाने पर विचार कर रही है। जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आयोग के अधिकारियों और पदाधिकारियों की बैठक बुलाने वाले हैं। इसके बाद संशोधन पर अंतिम मुहर लगेगी।