डीसी, सीपी, एसएसपी और सिविल सर्जनों के साथ मौजूदा स्थिति का जायजा लेते हुए मुख्य सचिव को जानकारी दी गई कि अब तक लगभग 10 लाख लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है और आने वाले दो हफ्तों के दौरान राज्य में 32 लाख नागरिकों को टीका लगाने की योजना है। उन्होंने राज्य के सरकारी अमले को हिदायत दी कि टेस्टिंग क्षमता को प्रति दिन 60,000 तक पहुंचाया जाए, जिससे कोविड की स्थिति पर समय रहते काबू पाया जा सके।
तीन बार लैब भेजे जाएं नमूने
नमूनों को दिन में तीन बार लैबों में भेजा जाए और टेस्टों के नतीजे मरीजों को जल्दी उपलब्ध करवाए जाएं। कोविड प्रबंधन, टेस्टिंग, ट्रेसिंग और टीकाकरण के बारे राज्य की रणनीति पेश करते हुए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव हुस्न लाल ने बताया कि डॉक्टरों को निर्देश दिया हैं कि वह नमूने और टीकाकरण के विवरण को रियल टाइम के आधार पर अपलोड करने और लाभर्थियों को फोन किया जाए और संदेश भेजा जाए जिससे वह समय पर टीकाकरण वाले स्थानों पर पहुंच सकें।
1.5 लाख पुलिसकर्मियों का हुआ टेस्ट
पुलिस कर्मचारियों की तरफ से अब तक लगभग डेढ़ लाख आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाए जा चुके हैं। इसके अलावा पंजाब पुलिस की दो बटालियनों का पूरी तरह टीकाकरण करवा दिया गया है और 74 प्रतिशत पुलिसकर्मी पहले ही यह टीका लगवा चुके हैं। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने लोगों को कोविड नियमों का सख्ती के साथ पालन करने की सलाह दी और कहा कि हालात सामान्य होने तक होटल और रेस्टोरेंट में पार्टी न करें।