गुरदासपुर संसदीय सीट पर सभी प्रमुख दलों के सूरमा के मैदान में उतरने के साथ ही सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा के विनोद खन्ना और प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के बीच रोचक मुकाबला होने के आसार है।
वहीं ‘आप’ ने भी छोटेपुर पर दांव लगा चुनावी समर को रोचक बना दिया है।
जिला पठानकोट की तीन विधानसभा सीटों और जिला गुरदासपुर की पांच विधानसभा सीटों को मिलाकर बनी इस संसदीय सीट के सामाजिक समीकरण बेहद जटिल हैं।
लाख से अधिक मतदाताओं वाले इस क्षेत्र की 3 विधानसभा सीटों पर भाजपा, 2 पर शिरोमणि अकाली दल और 5 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान सांसद एक बार फिर इसी क्षेत्र से किस्मत आजमा रहे हैं।
अपने आक्रामक सियासी अंदाज के कारण बाजवा कांग्रेस के ऐसे चुनिंदा नेताओं में गिने जाते हैं, जिन पर व्यक्तिगत वार करने में उनके विपक्षी भी कतराते हैं।
उनके मुकाबले भाजपा ने पूर्व सांसद विनोद खन्ना को उतारकर पिछले चुनाव में मिली हार की कसक खत्म करने का सपना संजोया है।
पार्टी में ही टिकट आंदोलन का उफान थमने के बाद ‘मोदी लहर’ पर सवार विनोद खन्ना की राह में दल में ही उनके विरोधी कांटे बिछाने में नाकाम रहे तो कमल खिलाने की भाजपा की मंशा फलीभूत हो सकती है।
लगभग एक दशक के बाद यह पहला चुनाव है, जब भाजपा यहां विनोद खन्ना के फिल्म स्टारडम छेड़ने की बजाए मोदी के विकास मॉडल पर ज्यादा भरोसा कर रही है।