चंडीगढ़। सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत परिसर में नए वकीलों के लिए बैठने और काम करने तक की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। वरिष्ठ वकीलों के लिए करीब 500 चैंबर मौजूद हैं लेकिन रोजाना दो से ढाई हजार वकील केसों की सुनवाई के लिए अदालत आते हैं। नए वकीलों को अपने मुवक्किलों से मिलने और दस्तावेज़ तैयार करने के लिए अदालत परिसर में इधर-उधर खड़ा रहना पड़ता है जबकि कुछ को सर्विस ब्लॉक में नोटरी व अन्य वकीलों के साथ कुर्सी साझा करनी पड़ती है।
बैठने की जगह मुहैया करानी चाहिए
जिला बार एसोसिएशन के पूर्व कोषाध्यक्ष विजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन को नए वकीलों के लिए चैंबर या वैकल्पिक बैठने की जगह मुहैया करानी चाहिए। नए वकीलों को इस कारण प्रैक्टिस और केस की तैयारी में कठिनाई होती है।
नए वकील न्याय व्यवस्था की रीढ़
एडवोकेट वरुण धवन ने कहा कि प्रशासन को जल्दी से जल्दी युवा वकीलों के लिए कार्यस्थल, विश्राम क्षेत्र और साझा बैठक कक्ष की व्यवस्था करनी चाहिए। बार एसोसिएशन के कई सदस्य भी इस समस्या को गंभीर मानते हैं और कहते हैं कि नए वकील न्याय व्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए उन्हें उचित सुविधाएं देना न्यायिक प्रक्रिया की गुणवत्ता के लिए जरूरी है।