मनीमाजरा में दशहरा मैदान और रामलीला मंच के लिए स्थायी जगह नहीं
119 साल से रामलीला का मंचन कर रहे क्लबों को हर साल करनी पड़ती है अस्थायी व्यवस्था, मास्टर प्लान में जगह तय करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मनीमाजरा। चंडीगढ़ से भी पुराने ऐतिहासिक मनीमाजरा में दशहरा मैदान और रामलीला मंच के लिए स्थायी जगह नहीं है। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए हर साल अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ती है। इससे आयोजकों को परेशानी होती है।
मनीमाजरा का एक क्लब 119 साल से रामलीला का मंचन कर रहा है। द आजाद ड्रामेटिक क्लब और द नेशनल ऐड क्लब भी आजादी से पहले से यह परंपरा निभा रहे हैं। ये क्लब जन्माष्टमी समेत अन्य धार्मिक आयोजनों में शोभायात्राएं भी निकालते हैं। इसके बावजूद इनके पास स्थायी मंच नहीं है। हाउसिंग बोर्ड चौक पर हर साल चंडीगढ़ का दूसरा सबसे बड़ा दशहरा समारोह आयोजित होता है, जिसमें लाखों लोग पहुंचते हैं। इसके लिए भी स्थायी मैदान उपलब्ध नहीं है। आयोजन से पहले हर साल सफाई और अन्य व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं।
मास्टर प्लान में जगह तय करने की मांग
द नेशनल ऐड क्लब के प्रबंधकों बलविंदर बीके, चमन लाल सराय, राकेश वर्मा, रविंद्र राणा, जोगिंदर सिंह ठाकुर, ओपी शर्मा, अंकित अरोड़ा, रोहित शर्मा और बलजिंदर सिंह ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि मनीमाजरा की आबादी और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए मास्टर प्लान में दशहरा मैदान के लिए जगह निर्धारित की जाए। रामलीला क्लबों को भी स्थायी मंच मिले। इससे आयोजन आसान होंगे और युवा पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने की परंपरा आगे बढ़ेगी।