फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: पिछले दो वर्षों की तुलना में पराली जलाने की घटनाओं में आई 4 गुना कमी

विज्ञापन
विज्ञापन
-डीजीपी खुद पराली जलाने की स्थिति की कर रहे समीक्षा
विज्ञापन

-पराली प्रोटेक्शन फोर्स का किया गठन, 165 किसानों के राजस्व रिकॉर्ड में की रेड एंट्री
-
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में पिछले दो वर्षों की तुलना में पराली जलाने के मामलों में 4 गुना कमी आई है। आधिकारिक सरकारी आंकड़ों के अनुसार 15 सितंबर से 21 अक्टूबर 2025 तक पंजाब में केवल 415 पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए हैं जबकि वर्ष 2024 में इस अवधि के दौरान 1,510 और 2023 में 1,764 मामले दर्ज हुए थे। सरकार ने पराली प्रोटेक्शन फोर्स का किया गठन किया है जो किसानों को फसल अवशेष जलाने के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ सतर्कता भी बनाए हुए है। साथ ही 165 किसानों के राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री की गई है।
डीजीपी गौरव यादव पराली जलाने के मामलों की समीक्षा कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के पराली जलाने के मामलों को जीरों करने का लक्ष्य तय किया है। विशेष डीजीपी अर्पित शुक्ला ने कहा कि सिविल प्रशासन के साथ मिलकर पुलिस टीमें राज्यभर में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास कर रही हैं। उन्होंने बताया कि डीसी, एसएसपी और एसडीएम, डीएसपी उन गांवों में संयुक्त दौरे कर रहे हैं जिन्हें पराली जलाने के हॉट स्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। इसके अलावा जिला और उपमंडल स्तर पर किसानों और किसान यूनियनों के साथ जागरूकता बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले कुछ दिनों में डिप्टी कमिश्नरों, एसएसपी की ओर से 251 और एसडीएम, डीएसपी की ओर से 790 संयुक्त दौरे किए हैं। इन दौरों के दौरान 2,381 जन-जागरूकता बैठकों और 1,769 किसान बैठकों का आयोजन किया गया। विशेष डीजीपी ने बताया कि पराली जलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है। अब तक पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर (पीएसआरसी) द्वारा 415 खेतों में आग लगने की पुष्टि की गई है और संयुक्त टीमों को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस टीमों ने 172 मामलों में एफआईआर दर्ज, 189 मामलों में जुर्माना लगाया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें