टैगोर थियेटर चंडीगढ़ में नाटक का मंचन
नौकरी चाहिए तो मेहनत करनी होगी और प्यार चाहिए तो इजहार करना होगा। अगर नहीं कर पाए तो खाली हाथ रह जाओगे। यह संदेश दिया गया प्रेम पतंगा नाटक के जरिए। टैगोर थिएटर में सोमवार को सात्विक आर्ट सोसाइटी द्वारा तीन दिवसीय रंग संचार 2016 थिएटर फेस्टिवल की शुरुआत हुई, जिसके पहले दिन प्रेम पतंगा नाटक का मंचन हुआ।
नाटक भोपाल के विहान ड्रामा वर्कस ग्रुप के 20 कलाकारों ने पेश किया। यह नाटक विमल चंद्र पाण्डेय द्वारा लिखित कहानी जैक, जैक, जैक रूदाद ए नीरस पर आधारित था, जिसका निर्देशन सौरव अनंत ने किया था। नाटक की शुरुआत दिल्ली यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता विभाग के स्टूडेंट्स से होती है। जो पत्रकारिता के फील्ड में भ्रष्टाचार होने के कारण नौकरी कैसे पाए की बातें करते दिख्राई देते हैं।
उसके बाद एक इंटरव्यू का सीन आता है, जिसमें समाचार पत्र के संपादक स्टूडेंट्स से इंटरव्यू लेते हैं। इंटरव्यू में उन्हें राष्ट्रीय मामलों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी प्रश्न पूछे जाते हैं जिनका जवाब देने में नाटक का मुख्य पात्र मुरारी असफल रहता है। मुरारी को अपनी क्लास में पढ़ रही लड़की वेदिका से प्यार हो जाता है। लेकिन वह पूरी जिंदगी वेदिका के सामने अपने प्यार को जाहिर नहीं कर पाता।
नाटक में निर्देशक ने मुरारी पात्र के जरिए कुछ पाने के लिए काम करने का संदेश दिया और कहा कि अगर मुरारी मेहनत करता और पत्रकारिता का स्टूडेंट होने के नाते उसे विश्व की जानकारी होती तो उसे समाचार पत्र में नौकरी जरूर मिलती और अगर वो वेदिका को पाना चाहता था तो उसे उसके सामने अपने प्यार का जिक्र करना चाहिए था।
नाटक में लाइव म्यूजिक का इस्तेमाल किया गया जिसमें हेमंत देवलेकर ने अपनी मधुर आवाज में बनारस की कजरी पेश की। नाटक में मुरारी की भूमिका में अंकित, वेदिका की भूमिका में श्वेता, विमल चंद की भूमिका में शुभम थे। इसके अलावा नाटक में आशीष, अंकित ने भी विशेष भूमिका निभाई।