तीन दिवसीय नाटक उत्सव के तहत आज शाम 7 बजे टैगोर थियेटर में 'दूसरा आदमी, दूसरी औरत' का मंचन किया जाएगा। अगर नाटक में रुचि रखते हैं तो जरूर पहुंचें। थियेटर फेस्ट का आयोजन हरियाणा के थिएटर ग्रुप रास कला मंच और चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी द्वारा किया जा रहा है।
फेस्टिवल को कलाकार चंद्राहास तिवारी और मिल्खी राम धीमान की याद को समर्पित किया गया। फेस्ट के तहत बीते दिन कठपुतली के जरिए नाटक 'अबाउट राम' का मंचन किया गया।
दिल्ली की कलाकार अनुरूपा रॉय ने इसे निर्देशित किया था। इस अवसर पर चंडीगढ़ के होम सेक्रेटरी अनिल कुमार और हरियाणा के सूचना एवं जनसंपर्क और सांस्कृतिक मामलों के महानिदेशक सुधीर राजपाल मुख्य अतिथि थे।
कठपुतलियों, कलाकारों और प्रोजेक्टर के जरिए रामायण की कथा का थ्री-डी मंचन किया गया। कठपुतलियों को नियंत्रित कर रहे कलाकार खुद मंच पर थे और उनकी बॉडी लेंग्वेज तथा हाथों की लचक लाजवाब थी।
पूरे नाटक में कोई संवाद नहीं था। पूरी कहानी भाव-भंगिमाओं से कही गई। मृदंग और बांसुरी का सुरीला बैकग्राउंड संगीत था। लाइट्स का इस्तेमाल भी जबरदस्त था। खासकर लंका दहन का दृश्य लाइट्स के इफेक्ट्स से काफी प्रभावशाली बन गया।
नाटक से पहले थिएटर में अपने विशेष योगदान के लिए वमन केंद्र, महाबीर गुड्डू, त्रिपुरारी शर्मा, समर शर्मा और ब्रिजेश्वर को सम्मानित किया गया।