नाबालिग बच्चों से कुकर्म के आरोपी ‘थिएटर एज’ एनजीओ के डायरेक्टर जुल्फिकार की जमानत याचिका पर पुलिस ने विरोध जताया है। पुलिस ने मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जवाब दाखिल किया। इसमें पुलिस ने सीएफएसएल रिपोर्ट को आधार बनाते हुए उसकी जमानत का विरोध किया है।
सीएफएसएल रिपोर्ट में जुल्फिकार की नाबालिगों से कुकर्म करते हुए की फोटो में उसी के होने की बात कही गई है। पुलिस के जवाब के बाद याचिका पर दोनों पक्षों में बहस हुई। इसके बाद कोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसले के लिए 19 फरवरी की तारीख तय की है।
आरोपी ने जिस नाबालिग के केस में जमानत याचिका दाखिल की है, पुलिस ने उसी केस में सीएफएसएल रिपोर्ट आने पर सप्लीमेंटरी चालान दायर किया है। इससे पहले पुलिस ने जुल्फिकार की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल किया। पुलिस ने उसकी जमानत का विरोध करते हुए सीएफएसएल रिपोर्ट की कॉपी संलग्न की है।
यह रिपोर्ट सोमवार को ही कोर्ट में सौंपी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने जुल्फिकार की नाबालिगों से कुकर्म करते हुए की जो फोटो जांच के लिए भेजी थी, उसमें उससे मिलान होने की बात कही गई है। इसके अलावा जिस नाबालिग ने जुल्फिकार के कृत्यों की फोटो खींची थी, पुलिस ने उसके बयान की कॉपी लगाई है।
इसमें नाबालिग ने कहा है कि उसने ही जुल्फिकार की फोटो खींची थी और फोटो में आरोपी ही है। साथ ही पुलिस का कहना है कि आरोपी अभी जेल में है और वहीं से अपने रिश्तेदारों और परिचितों की मदद से पीड़ितों को धमका रहा है। इस मामले में उनके खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
ऐसे में अगर वह खुद बाहर आ गया तो गवाहों और पीड़ितों को डरा धमका सकता है। साथ ही साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकता है। इस मामले में जुल्फिकार के भतीजे अख्तेदार खान उर्फ लाला अभी फरार चल रहा है। ऐसे में जुल्फिकार को जमानत का लाभ नहीं मिलना चाहिए।