जीरकपुर। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। के-एरिया मोड़ से ढकोली मंदिर तक चल रहा डिवाइडर निर्माण कार्य तीन माह से स्थानीय लोगों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। निर्माण की सुस्त रफ्तार और विभाग की अनदेखी के कारण न केवल राहगीर परेशान हैं। दो दिन से काम पूरी तरह बंद होने के कारण जनता में भारी नाराजगी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि करीब एक किलोमीटर लंबे दायरे पर डिवाइडर बनाने और टाइल्स लगाने का जिम्मा विभाग ने महज तीन मजदूरों के कंधों पर छोड़ रखा है। इतने लंबे ट्रैक पर नाममात्र की लेबर लगाए जाने के कारण काम कछुआ चाल से चल रहा है। लोगों का कहना है कि जिस काम को कुछ हफ्तों में पूरा हो जाना चाहिए था, उसे तीन महीने बीत जाने के बाद भी अधूरा छोड़ दिया गया है। रही-सही कसर दो दिन की बंदी ने पूरी कर दी है। इससे प्रोजेक्ट के पूरा होने की उम्मीदें धुंधली पड़ती दिख रही हैं।
सड़क पर बिखरी निर्माण सामग्री दे रही हादसों को न्योता
मजदूरों की कमी के साथ-साथ निर्माण सामग्री के प्रबंधन ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डिवाइडर के लिए लाई गई ईंटें, रेत और टाइल्स सड़क के किनारे बेतरतीब ढंग से बिखरी रहती हैं। बिखरी सामग्री के कारण सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। वहीं दो पहिया वाहन चालकों को गिरने का डर लगा रहता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क पर फैली बजरी और निर्माण सामग्री जानलेवा साबित हो रही है। अंधेरे के समय कई वाहन चालक यहां फिसल कर चोटिल भी हो चुके हैं।
प्रशासन से जल्द समाधान की मांग, नहीं दो करेंगे प्रदर्शन
उरवा अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा व राजेश पठानिया, सतीश शर्मा समेत ने पीडब्ल्यूडी और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलकर चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य में तेजी नहीं आई, तो वे प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। लोगों से स्पष्ट मांग है कि लेबर की संख्या बढ़ाई जाए और सड़क पर फैली सामग्री को हटाकर यातायात सुगम बनाया जाए।
जब काम शुरु किया गया था तब हमारे पास पूरी लेबर थी। होली के बाद से लेबर कम हो गई है। एक हफ्ते के अंदर लेबर बढ़ा कर काम को पूरा कर दिया जाएगा। - नवदीप सिंह, जेईई, पीडब्ल्यूडी।