चंडीगढ़। पीजीआई के नेहरू अस्पताल के गायनी वार्ड में अस्पताल की स्टाफ बनकर आई एक महिला की ओर से भर्ती मरीज को इंजेक्शन लगाकर जान से मारने की कोशिश का मामला सामने आया है। इस घटना ने पीजीआई में मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। उधर, अस्पताल में भर्ती महिला की हालत गंभीर बनी है। उसे आईसीयू में वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया है। बताया जा रहा है कि महिला सामान्य कपड़ों में आई थी, जिसने मरीज के परिजनों को कहा कि उसे किडनी के डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाने के लिए भेजा है। महिला के इंजेक्शन लगाने के बाद भर्ती मरीज की हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टर देखने पहुंचे तो परिजनों ने एक महिला की ओर से मरीज को इंजेक्शन लगाने की बात बताई। इसके बाद पीजीआई प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके साथ पीजीआई की महिला डॉक्टर को मामले की जांच सौंप दी है। वहीं, सेक्टर 11 थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर इंजेक्शन लगाने वाली अज्ञात महिला के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस पीजीआई के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ मरीज के रिश्तेदारों और जानकारों से पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इंजेक्शन लगाने वाली महिला ने लाल सूट और नीली जींस पहनी थी। पुलिस पीजीआई के सुरक्षाकर्मियों से भी पूछताछ में जुटी है। शिकायतकर्ता बनूड़ (पटियाला) की जतिंदर कौर ने पुलिस को कहा है कि एक अज्ञात महिला ने उसकी भाभी को बीते 15 नवंबर को गलत इंजेक्शन लगा दिया। शिकायतकर्ता के भाई का हरमीत कौर से अंतरजातीय विवाह हुआ था। हरमीत कौर का परिवार भी राजपुरा, पटियाला का ही रहने वाला है। प्रसव पीड़ा के चलते बीते 3 नवंबर को उसे बनूड़ के निजी क्लीनिक में भर्ती करवाया गया था। 4 नवंबर को उनकी डिलीवरी हुई। उसके बाद उनकी किडनी में दिक्कत आ गई। इसके चलते उन्हें पीजीआई रेफर किया गया। छह नवंबर को उन्हें आईसीयू में भर्ती करवाया गया था। तबीयत ठीक होने पर 13 नवंबर को गायनी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
देर रात 11.05 बजे इंजेक्शन लेकर पहुंची महिला
15 नवंबर को शिकायतकर्ता अपनी भाभी की देखरेख कर रही थी। इसी दौरान रात 11.05 बजे एक 27-28 वर्षीय महिला उनकी भाभी के पास आई और कहने लगी कि उसे किडनी वाले डॉक्टर ने भेजा है, हरमीत कौर को इंजेक्शन देना है। इसके बाद इंजेक्शन लगा दिया। शक होने पर जब शिकायतकर्ता ने नाम और इंजेक्शन के बारे में पूछा तो वह घबराते हुए निकल गई। शिकायतकर्ता ने उसकी फोटो अपने मोबाइल में ली। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने उसकी भाभी की हत्या की नीयत से यह इंजेक्शन लगाया है।
मरीज प्यूरप्लर सेप्सिस विद एकेआई के चलते आईसीयू के ट्रॉमा में है। किसी बाहरी महिला की ओर से बुधवार रात को इंजेक्शन देने के इस मामले की जांच डाॅ. वनिता जैन को सौंपी गई है। -डॉ. विवेक लाल, पीजीआई निदेशक