फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऊपरी मंजिल वालों को ताजा पानी भी नसीब नहीं

Tue, 12 Nov 2013 01:02 AM IST
अमर उजाला, पंचकूला
विज्ञापन
विज्ञापन
सेक्टरों के मकानों में दूसरी और तीसरी मंजिल पर रहने वाले लोगों को सप्लाई का ताजा पानी भी नसीब नहीं हो रहा है। आम लोग पानी की सप्लाई को लेकर परेशान हैं, लेकिन हुडा के अधिकारी निश्चिंत होकर बैठे हैं। उनकी दलील है कि बायलॉज में ग्राउंड फ्लोर तक ही पानी मुहैया कराने का प्रावधान है।
विज्ञापन


प्रदेश के फरीदाबाद, गुड़गांव, इतना तक कि प्रदेश की राजधानी चंडीगढ़ में भी पानी सप्लाई की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है, लेकिन पंचकूला में नगर निगम का गठन होने के बाद भी यह काम अपने जिम्मे नहीं लिया गया।

वर्षों पुराने समझौते पर चल रहा काम
नगर निगम पंचकूला का गठन मार्च 2010 में हुआ था, लेकिन अगस्त 2011 से नगर निगम अस्तित्व में आया। पहला चुनाव जून 2013 में हुआ। इससे पहले नगर परिषद काम कर रही थी, जो 2001 में गठित की गई थी।
विज्ञापन


गठन के समय कर्मियों और बुनियादी सुविधाओं की कमी की वजह से पानी की आपूर्ति का जिम्मा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को सौंप दिया गया था। यही समझौता फिलहाल लागू हैं।

 हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा-43 के भाग ख में स्पष्ट रूप से वर्णित है कि निगम क्षेत्र में पानी की आपूर्ति का कार्य नगर निगम द्वारा ही किया जाना है, लेकिन पंचकूला में फिलहाल हुडा के पास ही इसकी जिम्मेवारी है।

हुडा अधिकारियों का कहना है कि पानी की नियमित आपूर्ति होती है, लेकिन लोगों के घरों में बने टैंक में पानी स्टोर किए जाने से प्रेशर नहीं बनता है। इसलिए ऊपरी मंजिल तक पानी की सप्लाई में दिक्कतें आती हैं।
--------

कोट
फिलहाल शहर में जलापूर्ति की जिम्मेवारी हुडा के पास है।
- ओपी सिहाग, कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम
..........
प्रदेश के अन्य शहरों में जलापूर्ति की जिम्मेवारी नगर निगम के पास है। हुडा और नगर निगम के बीच की खींचतान के कारण आम लोगों को दिक्कतें आ रही हैं।
- रविन्दर रावल, पूर्व प्रधान, नगर परिषद
---
सेक्टर-16 में सभी घरों के ऊपरी मंजिलों पर लो प्रेशर की शिकायत है। हर महीने करीब ऐसी 100 शिकायतें मिलती हैं, जिसे संबंधित विभाग तक पहुंचाया जाता है। विभाग को चाहिए कि ऐसी तकनीक का प्रयोग करें, जिससे सभी लोगों को पानी की जरूरतें पूरी हो सके।
- सुभाष पपनेजा, महासचिव, आरडब्ल्यूए सेक्टर-16
..........
सेक्टर-10 में भी लो प्रेशर की समस्या है, जिसकी जानकारी हुडा को कई बार दी जा चुकी है। इसके बावजूद अभी तक इसका निदान नहीं हो सका है। दूसरी मंजिल पर रहने वालों के लिए फ्रेश पानी नहीं पहुंचना सबसे बड़ी परेशानी है। टैंक में स्टोर किए हुए पानी के इस्तेमाल से कई बार बच्चों और बुजुर्गों को दिक्कतें आती हैं।
विज्ञापन

- एमएल गुप्ता, प्रेसिडेंट, आरडब्ल्यूए सेक्टर-10
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें