चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में विभागों को मर्ज करने पर जनवरी में निर्णय लिया जाएगा। कमेटी की बैठक उसी दौरान होगी, जिसे फाइनल रूप दिया जा जाएगा। माना जा रहा है कि इस बार पीयू का यह प्रस्ताव परवान चढ़ सकेगा, क्योंकि सीनेट व सिंडिकेट जनवरी में कार्यरत नहीं रहेंगी। ऐसे में वीसी ही इस योजना को कमेटी की सिफारिश पर पास करेंगे।
विभागों को मर्ज करने का प्रस्ताव वर्ष 2015 में नैक की टीम ने पीयू के समक्ष दौरे के समय रखा था। पीयू ने कहा था कि वह अगले निरीक्षण तक इस मानक को पूरा कर लेगी। जैसे ही टीम गई तो पीयू ने इस पर काम शुरू किया। फाइलें बनीं और छोटे विभागों को बड़े विभागों में मर्ज करने को लेकर बैठक की गई। प्रस्ताव भी तैयार हुआ, लेकिन यह पास नहीं हो पाया। पिछले साल भी इसे लेकर दो बैठकें हुई, लेकिन उसमें विवाद उत्पन्न हो गया। उस समय इस प्रस्ताव को टाल दिया गया। पीयू लंबे समय तक प्रस्ताव को टाल नहीं सकती, क्योंकि नैक की टीम वर्ष 2022 में पीयू का निरीक्षण करेगी। उस दौरान यह प्रस्ताव पास नहीं मिला तो पीयू को ग्रेड ए से हटाकर बी में भी रखा जा सकता है। हालांकि इसकी संभावनाएं कम हैं, क्योंकि पीयू जनवरी में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाने वाली है। सूत्रों का कहना है कि फाइल आदि बन गई हैं। कमेटी की बैठक होते ही इसे फाइनल रूप दिया जाएगा।