डेंगू-चिकनगुनिया का प्रकोप थमने के बाद चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के खिलाफ कमर कस ली है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू को नोटिफाई डिजीज घोषित कर दिया है। इसके तहत अगर कोई अस्पताल या प्राइवेट लैबोरेटरी स्वाइन फ्लू का टेस्ट करता है तो उसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। यह कदम इसलिए उठाया गया है कि अगर बीमारी फैलती है तो कोई भी प्राइवेट लैब मरीज की मजबूरी का फायदा न उठा सके। सोमवार तक चंडीगढ़ की सभी लैब व अस्पतालों को नोटिफाई डिजीज का नोटिस भेज दिया जाएगा।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सर्दियां शुरू होते ही स्वाइन फ्लू का अलर्ट आ जाता है। इसके लिए विभाग चौकन्ना हो गया है। स्वाइन फ्लू की दवाई टेमीफ्लू आ चुकी है। सभी डिस्पेंसरी और अस्पतालों में बंटवा दिया गया है। साथ ही डाक्टरों की ट्रेनिंग और हेल्थ वर्करों को वैक्सीनेशन का काम शुरू हो चुका है। हालांकि अभी तक शहर में स्वाइन फ्लू का कोई केस नहीं आया है। दिल्ली में दो मरीज पाजिटिव पाए हैं। अस्पतालों में भी स्वाइन फ्लू के आइसोलेशन वार्ड को आईडेंटिफाई कर दिया गया है। स्वाइन फ्लू के टेस्ट पीजीआई और जीएमसीएच 32 में होंगे।
शहर में फीवर सर्वे भी होगा
स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए शहर में फीवर सर्वे भी होगा। इसमें हाउस टू हाउस जाकर चेक किया जाएगा कि किसे फीवर है। उसके क्या लक्षण है। कितने दिन से बुखार है। अगर स्वाइन फ्लू से मिलते लक्षण मिलेंगे तो उसे तुरंत रेफर कर दिया जाएगा। हालांकि कुछ टीमों ने सर्वे शुरू भी कर दिया है, लेकिन इसकी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसके अलावा अस्पतालों में नोडल ऑफिसर का भी चार्ज सौंपा गया है।
डेंगू-चिकनगुनिया के केसों की होगी समीक्षा
एंटी मलेरिया अधिकारी गौरव अग्रवाल ने बताया कि डेंगू-चिकनगुनिया के मरीज आना बंद हो गए हैं। अब समीक्षा की जा रही है कि आखिर इतने केस आ गए हैं। कई तरह के सर्वे शुरू किए जाएंगे। इसमें कई एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है, ताकि सोर्स का पता चल सके। इसमें पीजीआई की भी मदद ली जाएगी।