संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़शंकर। दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिख कौम को ऐसी विशिष्ट पहचान दी, जिससे वे किसी भी भीड़ में सहज ही अलग नजर आते हैं। यह बात श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने बैत क्षेत्र के गांव गढ़ी मानसोवाल स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा (शहीदां) में संगत को संबोधित करते हुए कही। वे श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।
उन्होंने 1699 में श्री आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना का उल्लेख करते हुए गुरु साहिब द्वारा दिए गए पांच ककारों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सिख युवाओं से गुरबाणी से जुड़ने और सिख मर्यादा को जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सिख धर्म आनंद, उत्साह और चढ़दी कला का मार्ग है। इससे पूर्व श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए। संगत की ओर से जगदेव सिंह मानसोवाल ने सिंह साहिब को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही।