पंजाब विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा जज के नेतृत्व में विशेष अदालत स्थापित किए जाने की मांग की।
विपक्ष की अनुपस्थिति में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि कांग्रेसियों ने कभी अपना वादा निभाया ही नहीं।
आज भी वे वादे से मुकर गए और सदन में बैठे रहने का भरोसा देकर वाकआउट कर गए।
उन्होंने धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस को समेटते हुए कहा कि वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए एसआईटी के गठन की जरूरत है और इसका गठन न्यायिक दिशा-निर्देशों एवं निगरानी के अधीन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इससे संबंधित सारे मामले पुन: खोले जाने चाहिएं और शिकायतों एवं रिकॉर्ड के आधार पर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आरोपीयों की पहचान हो गई है और वह सभी कांग्रेस पार्टी से ही संबंधित हैं।
इसे कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सरेआम माना है। देश में सही मायनों में संघीय ढांचा कायम करने की जरूरत पर बल देते हुए बादल ने संविधान में संशोधन की बात कही।
उन्होंने केंद्रीय करों में प्रदेशों का हिस्सा बढ़ाकर 50 फीसदी करने की भी वकालत की।
बादल ने नदियों के जल का मुद्दा भी उठाया
राजधानी चंडीगढ़ और पंजाबी भाषी क्षेत्र पंजाब को दिए जाने की मांग करते हुए बादल ने नदियों के जल का मुद्दा भी उठाया।
केंद्र द्वारा पड़ोसी राज्यों को औद्योगिक राहत पैकेज देने की आलोचना करते हुए बादल ने कहा कि इस फैसले ने राज्य के विकास को बहुत बड़ी क्षति पहुंचाई है, जिसके परिणाम स्वरूप बेरोज़गारी की समस्या बढ़ी है।
बादल ने कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, शिक्षा, बिज़ली, कानून व्यवस्था एवं अन्य क्षेत्रों में की पहलकदमियों और महत्वपूर्ण उपलब्धियों का भी जिक्र किया।
शिअद की ओर से विरसा सिंह वल्टोहा व बीबी जगीर कौर तथा भाजपा की ओर से मनोरंजन कालिया व सोम प्रकाश ने बहस में हिस्सा लिया।
पंजाब विस में सेना भर्ती, ग्लोबल वार्मिंग से संबंधित प्रस्ताव पारित
पंजाब विधानसभा में वीरवार को दो गैर सरकारी प्रस्ताव पारित हुए। यह प्रस्ताव सेना में जवानों की भर्ती और ग्लोबल वार्मिंग से संबंधित थे।
पहला प्रस्ताव अकाली विधायक दर्शन सिंह कोटफत्ता ने पेश करते हुए कहा कि राज्य सरकार को केंद्र सरकार तक पहुंच करे कि देश की सरहदों की रक्षा के लिए जवानों की भर्ती राज्यों की आबादी के आधार पर नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर हो।
दूसरा प्रस्ताव पेश करते हुए अकाली विधायक हरप्रीत सिंह ने कहा कि राज्य सरकार को केंद्र सरकार के साथ मसला उठाते हुए ग्लोबल वार्मिंग के भयानक नतीजों की रोकथाम के लिए असरदार कदम उठाने पर जोर दे।
विपक्ष की अनुपस्थिति में दोनों प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गए।