चंडीगढ़। सेक्टर-38 वेस्ट में बाउंसर सुरजीत हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। पुलिस को आशंका है कि छह महीने पहले औद्योगिक क्षेत्र में सोपू नेता गुरलाल बराड़ पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाने वाले शूटर नीरज उर्फ चस्का और दीपक उर्फ मान ने ही सुरजीत पर भी गोलियां बरसाई थीं। मलोया थाना पुलिस अब सुरजीत हत्याकांड में इन दोनों शूटरों के खिलाफ मामला दर्ज कर सकती है। पुलिस इनकी गिरफ्तारी में जुटी हुई है।
17 मार्च 2020 को सेक्टर-38 वेस्ट स्थित स्मॉल चौक के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने सुरजीत बाउंसर पर पांच गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी थी। गैंगस्टर दविंदर बंबीहा ग्रुप ने इस हत्या की जिम्मेवारी ली। इसके ठीक सात महीने बाद बाइक सवार दो बदमाश औद्योगिक क्षेत्र में सोपू नेता गुरलाल बराड़ की हत्या कर तीसरे साथी के साथ फरार हो गए थे। मामले में पुलिस ने बदमाशों को बाइक मुहैया करवाने वाले दो आरोपियों गुरविंदर सिंह और गुरमीत सिंह को गिरफ्तार किया तो गुरलाल बराड़ पर गोली बरसाने वाले शूटर चस्का और मान के नाम का खुलासा हुआ। पुलिस ने जांच में पाया कि सुरजीत और गुरलाल की हत्या करने का तरीका एक जैसा था। इसके साथ ही दोनों शूटर दविंदर बंबीहा ग्रुप के सक्रिय सदस्य भी हैं।
मुख्य आरोपी गैंगस्टर लक्की को नहीं पकड़ सकी है पुलिस
सुरजीत बाउंसर और गुरलाल बराड़ हत्याकांड के बाद दविंदर बंबीहा गुट ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर हत्या की साजिश रचने वाले गैंगस्टर गौरव पटियाल उर्फ लक्की के नाम का खुलासा किया था। पुलिस जांच में लक्की की आखिरी लोकेशन रोमानिया में मिली थी। हत्या के बाद से आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। वहीं, सुरजीत हत्याकांड को एक साल से ज्यादा बीतने के बावजूद पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
हत्या के बाद फेसबुक पर एक-दूसरे को धमकी
गैंगस्टर अपना वर्चस्व कायम करने के लिए किसी भी वारदात को अंजाम देने के बाद में फेसबुक पोस्ट अपलोड करते हैं। सवाल यह है कि पुलिस इन सभी प्रोफाइल को बंद क्यों नहीं करवा पा रही, जबकि चंडीगढ़ पुलिस दावा कर चुकी है कि कुछ गैंगस्टर और इनके संपर्क में आने वाले करीब 90 उपयोगकर्ता (यूजर्स) के प्रोफाइल को बंद करवा दिया गया है।