इसी प्रकार, सक्रिय मरीजों की बात करें तो एक मार्च को 1288 एक्टिव केस थे लेकिन आठ मई को यह संख्या 1,16,109 पहुंच गई थी। अकेले मई माह में ही 2,55,069 नए केस मिले। हालांकि, इसके बाद धीरे-धीरे सक्रिय मामले घटने लगे हैं।
आंकड़ों के मुताबिक पहली लहर के मुकाबले कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक थी। शुक्र है कि अब धीरे-धीरे केस कम हो रहे हैं। लोगों को चाहिए कि सावधानी बरतें। अभी महामारी खत्म नहीं हुई है, सतर्कता और सजगता से ही बचा जा सकता है। - डॉ. उषा गुप्ता, निदेशक, स्वास्थ्य विभाग।