-श्री अकाल तख्त साहिब में पांच सिंह साहिबान की बैठक में जारी किया गया हुक्मनामा
-कहा, श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के मामले में पंजाब सरकार हस्तक्षेप न करे
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब में पांच सिंह साहिबान की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। हुक्मनामा में कहा गया है कि अब किसी भी मैरिज पैलेस, रिसोर्ट, व्यावसायिक फार्म हाउस या अन्य गैर धार्मिक स्थानों पर आनंद कारज के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश नहीं किया जा सकेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले आयोजकों, रागी जत्थों और स्थान मालिकों के खिलाफ सिख परंपराओं के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के बाद जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने स्पष्ट किया कि 328 पावन स्वरूपों से जुड़े मामले में पंजाब सरकार का हस्तक्षेप अनुचित है। यह मामला पूरी तरह पंथक और धार्मिक है जिसे एसजीपीसी अपने संस्थागत ढांचे के तहत सुलझा सकती है। पांच सिंह साहिबान ने एडवोकेट ईश्वर सिंह जांच आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा इस विषय का दुरुपयोग करना गलत है।
एसजीपीसी और पुलिस की भूमिका
बैठक में यह भी कहा गया कि पंजाब पुलिस ने कई शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की जबकि मामूली मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। एसजीपीसी के आंतरिक मामलों में सरकार या पुलिस का हस्तक्षेप पूरी तरह अनुचित है। वर्ष 2015-16 में प्रकाशन में अनियमितताओं के कारण श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों से जुड़ा विवाद सामने आया। एसजीपीसी की जांच में यह पाया गया कि स्वरूप गायब नहीं हुए थे, बल्कि रिकॉर्ड में अनियमितताएं थीं। इस पर सत्कार कमेटी संतुष्ट नहीं हुई और लगातार कार्रवाई की मांग करती रही।
सिख इतिहास पर डिजिटल कंटेंट पर रोक
पांच सिंह साहिबान ने सिख इतिहास पर आधारित फिल्मों, एनिमेशन और एआई वीडियो बनाने पर भी रोक लगा दी। एसजीपीसी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी डिजिटल कंटेंट तैयार करना निषिद्ध होगा। जत्थेदार ने खालसा दीवान के प्रतिनिधियों को 5 जनवरी को श्री अकाल तख्त साहिब में तलब करने और अमृतपान नहीं करने वाले सदस्यों की सदस्यता रद्द करने के निर्देश दिए।