छोटी उम्र में बागवानी का जुनून.. बगिया में महक रहे सैकड़ों पौधे
9 साल की अविका अपने भाई के साथ मिलकर रखती है उसका खास ख्याल
- पिता ने पहचानी बच्चों की खासियत, घर पर ही बनवाया बगीचा
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। बेशक इनकी उम्र अभी छोटी है, लेकिन बागवानी के प्रति जुनून और लगाव का कोई सानी नहीं। सेक्टर- 24बी के मकान नंबर- 1042 में रहने वाली 9 साल की अविका और उनके साढ़े तीन साल के भाई कृतिन के किचन गार्डन से लेकर लॉन तक सैकड़ों पौधे महक रहे हैं।
उनके इस लगाव को उनके पिता कुमार गौरव ने पहचाना और घर में ही दोनों के लिए बगीचा बनवाया। कुमार गौरव पीजीआई में डिप्टी डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन के पद पर कार्यरत हैं। उनके किचन गार्डन में लगे पौधे जहां सेहत की सौगात दे रहे हैं, वहीं लॉन में लगे खूबसूरत पौधे उनके घर आंगन को खुशबू से सराबोर कर रहे हैं।
कुमार गौरव और उनकी पत्नी श्रुति ने बताया कि उनके दोनों ही बच्चे पौधों को लेकर बेहद भावुक हैं। वे छोटे बच्चे की तरह एक-एक पौधे की तरह उसकी देखभाल करते हैं। गर्मी, बरसात और ठंड के अनुसार कौन से पौधे कब लगाए जाने हैं, यह अविका तय करती है। इसके लिए वे गुगल और अपने पापा से मदद लेती है। अविका का कहना है कि नन्हें और प्यारे पौधों की देखभाल करना वे अपने माता-पिता से सीखती हैं। वहीं कृतिन इसमें अपनी दीदी की पूरी मदद करता है।
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किचन गार्डन भी आकर्षक
घर के पीछे बनाए गए किचन गार्डन में चकोतरा, चीकू, अरवी, हल्दी, मिर्ची, पुदीना, आम, जैतून, अंजीर, सेव, अनार, बेल, कीनू, संतरा, नींबू और पपीता लगाया गया है। इनमें से कई पौधे अभी बहुत छोटे हैं।
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लॉन से आती खुशबू कर देती है तरोताजा
घर के लॉन में लगाए गए फूलों वाले पौधे 24 घंटे घर को भीनी खुशबू से तरोताजा रखते हैं। इनमें रैन लीली, गुलदाउदी, रातरानी, चांदनी, मोगरा, स्पाइडर लीली, ब्रासिया, पोपी, गेंदा, कोसमोस, सुरजमुखी, जीनिया, जैसमीन, गुड़हल, सदाबहार, गेंदा आदि के फूल शामिल हैं।