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जिसको लग चुकी है वैक्सीन उसका नाम भी लिस्ट में

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डबकेश - फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। कोरोना टीकाकरण अभियान के दूसरे सत्र में ही लापरवाही सामने आ गई। जीएमसीएच-32 के टीकाकरण केंद्र में दूसरे सत्र में टीका लगवाने वाले कर्मचारियों की सूची एक ऐसे स्वास्थ्यकर्मी का नाम भी जोड़ दिया गया था, जिसे पहले सत्र में ही टीका लगा दिया गया था। लाभार्थी डबकेश कुमार के नाम के साथ ही दूसरे सत्र की सूची में उनका मोबाइल नंबर, आधार और पैन नंबर भी लिखा हुआ था। वहीं, इस संबंध में जब अस्पताल की डायरेक्टर प्रिंसिपल से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने महत्वपूर्ण मीटिंग में होने का हवाला देकर हर बार बात को टाल दिया। उधर, टीकाकरण अभियान से जुड़े दूसरे अस्पतालों के चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि यह छोटी-मोटी लापरवाही नहीं, गंभीर चूक है। अगर स्वास्थ्यकर्मी को तय तिथि से पहले दूसरी डोज लग जाती तो यह जानलेवा साबित हो सकती थी। इस महाअभियान में इस तरह की चूक नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उच्च अधिकारियों को ज्यादा सजग रहने की जरूरत है।
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सूची के कई स्तर पर निरीक्षण के बावजूद हुई यह चूक
अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि टीकाकरण के लिए तैयार की गई सूची का निरीक्षण उच्च अधिकारी कई स्तर पर करते हैं। ऐसे में इस तरह की चूक की कोई गुंजाइश ही नहीं होती। इसके बावजूद अगर ऐसा हुआ है तो यह गंभीर मामला है क्योंकि जिस व्यक्ति का नाम दोबारा सूची में डाला गया है, वह नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन का अध्यक्ष है और उसके नाम से अस्पताल के लगभग सभी अधिकारी और कर्मचारी भलीभांति अवगत हैं। ऐसा भी हो सकता है कि अधिकारियों ने सूची में शामिल नाम को गंभीरता से पढ़ा ही न हो।
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दूसरे सत्र में जिम्मेदार अफसर नहीं पहुंचे केंद्र
16 जनवरी को शुरू हुए कोरोना टीकाकरण अभियान में जीएमसीएच-32 की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. जसबिंदर कौर समेत अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवि गुप्ता और अन्य उच्च अधिकारी कई घंटे तक केंद्र में डटे रहे थे लेकिन दूसरे सत्र में इन अधिकारियों ने केंद्र पर आने की जहमत तक नहीं उठाई। इस संबंध में जब अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों से जब बात की गई तो उनका कहना था कि यह अधिकारियों की अनदेखी का ही नतीजा है। महाअभियान के पहले सत्र में जिस तरह से उच्चाधिकारियों ने प्रत्येक स्तर पर मजबूत मॉनिटरिंग की थी, वह दूसरे सत्र में ही ध्वस्त हो गई। ऐसी स्थिति में बड़ी चूक होने की आशंका भी बढ़ गई है।
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कोट
मैं अभी महत्वपूर्ण बैठक में हूं। इस संदर्भ में मैं अभी कोई बात नहीं कर सकती।
-डॉ जसबिंदर कौर, डायरेक्टर प्रिंसिपल, जीएमसीएच-32
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