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Chandigarh News: गृह मंत्रालय पहुंचा 700 क्लर्क व स्टेनो टाइपिस्ट को कम ग्रेड पे देने का मामला

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चंडीगढ़। यूटी प्रशासन के विभिन्न विभागों में काम कर रहे करीब 700 क्लर्क व स्टेनो टाइपिस्ट को कम ग्रेड डे देने का मामला दिल्ली पहुंच गया है। कर्मचारी दो साल से प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों से न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय का दरवाजा खटखटाया है। कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन ने क्लर्क और स्टेनो टाइपिस्ट के पे-स्केल को निर्धारित करते समय बहुत ही भेदभाव का तरीका अपनाया। ग्रेजुएट और टेक्निकल नॉलेज वाले कर्मचारियों को 1900 ग्रेड पे दे दिया। उनकी मांग है कि केंद्र के नियमों के अनुसार ही 2800 जीपी दिया जाए। चंडीगढ़ कॉमन कैडर एंप्लाइज यूनियन ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को ज्ञापन भेजा है। लिखा है कि प्रशासन में वर्ष 2015 और 2019 में क्लर्क और स्टेनो टाइपिस्ट की ग्रेजुएशन और एडिशनल टेक्निकल शैक्षणिक योग्यता, कंप्यूटर जानकारी के आधार पर भर्ती की। भर्ती की नोटिफिकेशन में 3200 जीपी देने की बात कही गई थी। मार्च 2022 में चंडीगढ़ ने सेंट्रल सर्विस रूल्स अपना लिए। दावा किया गया कि कर्मियों को कई फायदे होंगे लेकिन प्रशासन ने क्लर्क और स्टेनो टाइपिस्ट के पे-स्केल को निर्धारित करते समय 2800 ग्रेड पे के लिए योग्य होते हुए भी 1900 ग्रेड पे देने का फैसला ले लिया। यह सेंट्रल सर्विस रूल में 12वीं शैक्षणिक योग्यता पर भर्ती हुए कर्मचारी को दिया जाता है। सेंट्रल सर्विस रूल के अनुसार एक ग्रेजुएट और टेक्निकल नॉलेज वाले कर्मचारियों को 2800 ग्रेड पे मिलता है। कर्मचारियों ने कई बार अधिकारियों के सामने बात रखी। ज्ञापन भी सौंपे, लेकिन अधिकारी गलती को सुधारने की जगह कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बता दें कि यूनियन के कई पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने रविवार को एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन से भी मुलाकात की और उन्हें मांगों का एक ज्ञापन भी सौंपा।
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नए भर्ती नियम में भी बदलाव करने जा रहा है प्रशासन
प्रशासन क्लर्क और स्टेनो टाइपिस्ट के लिए रिक्रूटमेंट रूल्स में बदलाव करने जा रहा है। अब शैक्षणिक योग्यता 12वीं करने की तैयारी है। हैरानी की बात है कि इन्हें भी 1900 का ग्रेड पे ही दिया जा रहा है। इसको लेकर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि जो कर्मचारी ग्रेजुएशन और एडिशनल टेक्निकल शैक्षणिक योग्यता के आधार पर भर्ती हुए हैं उनमें और इन कर्मचारियों में क्या फर्क रह जाएगा। ये अधिकारियों के तानाशाही रवैये को दिखाता है कि कैसे वह अपनी गलती को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अगर भर्ती के मानदंड अलग अलग हैं तो ग्रेड पे भी अलग अलग होना चाहिए। इसलिए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से आग्रह किया है कि उनका उन्हें 2800 ग्रेड पे (सातवें पे कमीशन का पे लेवल 5) दिलाया जाए।

सांसद किरण खेर ने भी प्रशासक को लिखा पत्र, उसका भी असर नहीं
क्लर्क व स्टेनो टाइपिस्ट को कम ग्रेड देने के मामले को लेकर सांसद किरण खेर ने भी पिछले महीने पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को पत्र लिखा था। कर्मियों को उनका वास्तविक ग्रेड पे देने की सिफारिश की थी लेकिन प्रशासन के अधिकारियों पर सांसद के पत्र का भी कोई असर नहीं पड़ा। खेर ने यहां तक लिखा था कि कम ग्रेड पे की वजह से विभिन्न विभागों में कर्मचारी काफी मानसिक तनाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासक से मामले की समीक्षा करने का आग्रह किया था ताकि कर्मचारियों और प्रशासन के बीच अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचा जा सके। उन्होंने आग्रह किया कि कर्मियों को हो रहे आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए विज्ञापन में बताए गए 3200 जीपी के वेतनमान को बहाल किया जाए।
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