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Chandigarh News: पेक के बॉयज हॉस्टल की हेरिटेज कुर्सी बार्सिलोना में हो रही नीलाम

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चंडीगढ़। शहर के हेरिटेज फर्नीचर की विदेश में नीलामी जारी है। अब सात सितंबर को बार्सिलोना (स्पेन) में चंडीगढ़ की एक हेरिटेज कुर्सी को नीलाम किया जाएगा। इसकी कीमत 3.56 लाख रुपये आंकी गई है। चंडीगढ़ हेरिटेज आइटम प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने इस नीलामी को रोकने के लिए बार्सिलोना में भारत के महावाणिज्य दूतावास लुइस वेलेरियानो गोंजालेज को शिकायत भेजी है। जग्गा ने अपनी शिकायत में लिखा है कि वाणिज्य दूतावास जनरल कार्यालय के किसी भी विरोध के बिना विदेश में विरासती वस्तुओं की नीलामी नियमित रूप से की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि अब नीलामीघर हेरिटेज आइटम के स्रोत स्थान की भी घोषणा कर रहे हैं। जैसे कि सात सितंबर को बार्सिलोना में होने जा रही नीलामी में रखी गई कुर्सी पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) के बॉयज हॉस्टल की है। कुर्सी के पीछे कुर्सी का नंबर-59 भी लिखा हुआ है।
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जग्गा ने मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए कि नीलामीघर को यह हेरिटेज कुर्सी कैसे मिली क्योंकि चंडीगढ़ के हेरिटेज आइटम्स के निर्यात पर 2011 से ही प्रतिबंध लगा हुआ है। बता दें कि पिछले साल शहर के हेरिटेज फर्नीचर को बचाने के लिए फ्रांस से टीम आई थी। टीम ने प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी लेकिन उसका भी कोई खास असर नहीं देखने को मिला, क्योंकि टीम के वापस जाने के बाद कई देशों में चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी हो रही है। यही नहीं, इस साल 29 जनवरी को फ्रांस के शहर वर्साय में सबसे बड़ी नीलामी हुई थी, जिसमें 40 विरासती वस्तुओं को रखा गया था।

चंडीगढ़ के फर्नीचर कैसे पहुंचे स्पेन, हो जांच
शिकायत में जग्गा ने यह भी कहा है कि इन वस्तुओं को देश से बाहर ले जाने के लिए जो दस्तावेज इस्तेमाल किए गए, उनकी जांच होनी चाहिए और नीलामी को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। जो लोग भी फर्नीचर की तस्करी में शामिल हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच करने की जरूरत है कि जो व्यक्ति फर्नीचर को स्पेन में लेकर गया, वह इंडिया में टूरिस्ट या बिजनेस वीजा पर आया था। उसके पास इम्पोर्ट व एक्सपोर्ट को लेकर लाइसेंस था या नहीं। उन्होंने कहा कि यहां स्थानीय स्तर पर भी इसकी चोरी रोकने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। हेरिटेज फर्नीचर की संभाल के लिए नियम बनाने की भी जरूरत है, क्योंकि पिछले कुछ सालों में शहर के करोड़ों रुपये के हेरिटेज फर्नीचर की यूएसए, यूके, फ्रांस व जर्मनी समेत अन्य देशों में नीलाम हो चुके हैं।
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