पानीपत। हैंडलूम उद्यमियों और व्यापारियों ने वैट के विरोध में वीरवार को पूरा बाजार बंद करने और बच्चों समेत स्वतंत्रता दिवस समारोह का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
उद्यमियों के उग्र रूप को देखकर प्रशासन और पुलिस की धड़कनें बढ़ गई हैं। वहीं उद्यमियों ने बाजारों और जीटी रोड पर प्रदर्शन कर लघु सचिवालय के सामने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और रोष व्यक्त किया। व्यापारियों ने तहसीलदार के मार्फत राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों के सड़क पर उतरने से जीटी रोड का यातायात घंटों बाधित रहा।
हैंडलूम उद्यमी और व्यापारियों ने बुधवार को वैट के विरोध में लघु सचिवालय के सामने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और वैट के विरोध में रोष व्यक्त किया। उन्होंने तहसीलदार सौरभ के मार्फत राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। उद्यमियों ने कहा कि प्रदेश सरकार हैंडलूम उत्पादों पर 12.5 प्रतिशत वैट लगाने जा रही है।
सरकार का यह फैसला हैंडलूम व्यापार और उद्योग को बंद करने वाला साबित होगा। वे पहले ही धागे पर 5.5 प्रतिशत वैट दे रहे हैं। ऐसे में सरकार उनके उत्पादों पर भी वैट लगा देती है तो उनको 18 प्रतिशत वैट चुकाना पड़ेगा। तहसीलदार ने उद्यमियों और व्यापारियों की मांगों को राष्ट्रपति तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया। इससे पहले उद्यमी और व्यापारी सेठी चौक पर एकत्रित हुए।
वे यहां से शॉल मार्केट और चौड़ा बाजार से प्रदर्शन करते हुए जुलूस के रूप में जीटी रोड पर पहुंचे और यहां से होते हुए जीटी रोड पर पहुंचे। धर्मपाल गुप्ता, राकेश चुघ, श्याम सचदेवा, प्रेम बजाज, नरेंद्र बरेजा, गोपी बांगा, तरुण नागपाल, जोगिंद्र नरूला, संजय नारंग, अजय, त्रिलोचन सेठी, हरदीप सिंह, विमल मेहता, कमल खुराना, जोगेंद्र बजाज, आत्म सिंह मक्कड़, बलवंत खुराना, हरभगवान खुंगर, ठाकुर दास शर्मा, नैनी गोगिया, सचिन नारंग, आशानंद गोगिया, रोशन लाल गुप्ता, अशोक नागपाल, रामलाल, अशोक बरेजा, गोबिंद सिंह, लक्ष्मी कालड़ा, दिनेश धींगड़ा, विनोद नागपाल, सुरेंद्र बठला, मंगल परूथी, राजेश सिंगला, अनिल दुआ, राम प्रकाश खुराना, चिमन सेठी और अनिल बरेजा मौजूद रहे।
हैंडलूम उद्यमियों ने वीरवार को पूरा बाजार बंद करने का फैसला और इसको लेकर बाजार और औद्योगिक यूनियनों से संपर्क साधा।
हैंडलूम उद्यमियों को इंसार बाजार समेत शहर के बाजारों की 32 प्रधान समेत ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, कंबल उद्यमियों और रेलवे रोड का समर्थन मिला। वे सब वीरवार को सुबह 10 बजे अमर भवन चौक पर एकजुट होंगे।
उद्यमियों ने बुधवार शाम तक मांगों को पूरा करने पर शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस पर शिवाजी स्टेडियम में आयोजित जिलास्तरीय समारोह में बच्चों को न भेजने का फैसला लिया।
उद्यमियों ने कहा कि इस लड़ाई में उनके बच्चे और परिवार के सभी सदस्य मैदान में उतरने को तैयार हैं। उद्यमी और व्यापारी 15 अगस्त को मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की पूरी तैयारी में हैं।