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Chandigarh News: संसद में गूंजा शेयर वाइज प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त पर रोक का मुद्दा, तिवारी बोले- तकलीफ में हैं लाखों लोग

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चंडीगढ़। शहर में करीब डेढ़ साल से शेयर वाइज प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त पर रोक लगी हुई है। इससे काफी लोग प्रभावित हैं। यूटी प्रशासन के इस आदेश के खिलाफ कई प्रदर्शन हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन अपने रुख पर अड़ा है। बुधवार को शहर के सांसद मनीष तिवारी ने इस मुद्दे को संसद में उठाया और केंद्रीय गृहमंत्री से 09 फरवरी 2023 के चंडीगढ़ प्रशासन के आदेश को रद्द करने की मांग की।
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मनीष तिवारी ने कहा कि 10 जनवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने दो आदेश जारी किए। पहले आदेश में कहा था कि चंडीगढ़ प्रशासन ऐसा कोई नक्शा पास नहीं करेगा, जिसमें एक रिहायशी इकाई को तीन फ्लैट्स में बदला गया हो। साथ ही ऐसा कोई एमओयू पंजीकृत नहीं होगा, जो किसी ऐसी कार्यवाही के ऊपर अमलीजामा पहनाता हो, जब तक हेरिटेज कमेटी रिहायशी इलाकों (हेरिटेज सेक्टर) से जुड़े इन मामलों पर पुनर्विचार नहीं कर लेती।
तिवारी ने कहा कि दुर्भाग्य से चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ठीक से समझ नहीं पाए और 9 फरवरी को उन्होंने आदेश जारी करते हुए पूरे शहर में शेयर वाइज प्रॉपर्टी की खरीद और बिक्री पर रोक लगा दी। इससे चंडीगढ़ के लाखों लोगों को तकलीफ हो रही है। कोई कैंसर मरीज है तो किसी ने अपने बच्चों को शिक्षा के लिए बाहर भेजना है लेकिन वह अपनी संपत्ति को बेच नहीं पा रहे हैं।
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कई संपत्तियों के ट्रांजेक्शन भी रुके
सांसद ने कहा कि आदेश के लागू होने के बाद से शेयर अनुसार खरीदी गईं संपत्तियों के मालिकों और प्रॉपर्टी डीलरों के बीच अफरा-तफरी मची हुई है। कई प्रॉपर्टी के ट्रांजेक्शन भी रुके हुए हैं। इन्हीं समस्याओं को हल कराने के लिए कई पीड़ित संपत्ति मालिक और डीलर डीसी से लेकर सलाहकार तक से मिल चुके हैं लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। डीलर्स का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के सेक्टर-1 से 30 सेक्टर तक को हेरिटेज मेंटेन करने के फैसले को उलझाते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने गलत एसओपी जारी की है, जिसकी वजह से ही यह सारी समस्याएं उत्पन्न हो गईं हैं।
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