हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) से 1000 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रव से हुए नुकसान के लिए मुआवजा और पुनर्वास के लिए यह आग्रह किया है।
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि फरवरी में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सरकारी और निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया। प्रदेश का अधिकांश क्षेत्र इस आंदोलन से प्रभावित रहा, लेकिन आठ जिलों में व्यापक असर रहा।
प्रवक्ता के मुताबिक 555 करोड़ रुपये की निजी अचल संपत्तियों के 2077 मुआवजा के दावे मिले हैं। इसके अलावा भारी संख्या में सरकारी संपत्तियों सहित 300 निजी वाहनों को भी नष्ट किए जाने की रिपोर्ट मिली है।
दावा राशि का वास्तविक आकलन विशेषज्ञों के साथ जिला प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने अपने योजना बजट के कोष को परिवर्तित कर पीड़ितों को अंतरिम राहत के रूप में वित्तीय सहायता दी है।
पीड़ितों खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को अपनी आजीविका फिर से शुरू करने का मौका देने के लिए प्रदेश सरकार ने प्राधिकरण से आग्रह किया है।
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पीड़ितों को अब तक 53.63 करोड़ रुपये वितरित
छह अप्रैल, 2016 तक राज्य सरकार की ओर से पीड़ितों को राहत के रूप में 53.63 करोड़ रुपये की राशि वितरित कर दी गई है। आंदोलन के दौरान उपद्रवियों की ओर से संपत्तियों को पहुंचाए गए नुकसान के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत राहत और पुनर्वास सहायता उपलब्ध करवाना जरूरी था। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य ने केंद्र सरकार से 1000 करोड़ रुपये की सहायता देने का अनुरोध किया है।