चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में गाड़ी चलाना एक रोमांचक अनुभव हो सकता है लेकिन बिना उचित तैयारी के यह बेहद खतरनाक हो सकता है। सोशल मीडिया पर पहाड़ों की रील आदि देखकर युवा गाड़ी उठाकर बिना किसी तैयारी के पहाड़ों की ओर चल देते हैं। ऑटो स्पोर्ट्स के विशेषज्ञों का कहना है कि ये बहुत खतरनाक है। ऐसा कर युवा अपनी जान को खतरे में डाल रहे हैं। कई वर्षों से ऑटो स्पोर्ट्स से जुड़े विशेषज्ञ बुधवार को आईटी पार्क स्थित एक निजी होटल में एकत्रित हुए और अपने अनुभव व वीरवार से शुरू होने जा रहे आठ दिन के ऑफ रोड टूर की जानकारी दी। राजस्थान से आए मोटर स्पोर्ट्स विशेषज्ञ मदन चौधरी ने बताया कि आजकल देखा जा रहा है कि बहुत सारे युवा गाड़ी उठाकर पहाड़ों पर चल देते हैं। यह आदत बहुत खतरनाक है। पहाड़ों के रास्ते भले एक जैसे होते हैं लेकिन हर बार चुनौती अलग-अलग होती है। किसी भी पहाड़ के टूर पर जाने से पहले उस जगह के बारे में पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए। अकेले बिल्कुल नहीं जाना चाहिए। हमेशा दो-तीन गाड़ियों के साथ ही जाना चाहिए, क्योंकि वहां पर लैंडस्लाइड होते हैं और कई तरह के खतरे मौजूद होते हैं। अपने साथ टूल्स लेकर जाएं और प्लान-बी रखें। पेट्रोल रिफ्यूलिंग एक बहुत बड़ी चुनौती है। इस ट्रेंड की वजह से पहाड़ों पर बढ़ रही भीड़ को लेकर उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात है लेकिन यात्रा को व्यवस्थित करने और नियमों का पालन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोग एक शपथ लेकर जाए कि वहां पर प्लास्टिक की एक भी बोतल नहीं छोड़ेंगे। वापस लाएंगे या ऐसी चीजों का इस्तेमाल करेंगे, जो प्लास्टिक की न हो। करीब 20 साल से मोटर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री से जुड़ी विनीता ने कहा कि वह देश के पूर्वी हिस्से को छोड़कर लगभग हर हिस्से में जा चुकी हैं। अब युवतियां इस क्षेत्र में काफी आ रही हैं और टूर-रैलियों में हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण में ही लंबे टूर करने चाहिए।