-चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट की पंजाब सरकार को जमकर फटकार
-देरी के लिए बाढ़ को पंजाब सरकार ने बताया कारण
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव में देरी पर पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई है। पंजाब सरकार ने बताया कि बाढ़ के चलते चुनाव करवाने की प्रक्रिया में देरी हुई हैॅ और हर हालत में सरकार 5 दिसंबर से पहले चुनाव करवा देगी।
याचिकाकर्ता बेअंत कुमार की तरफ से दलील दी गई कि संविधान का उल्लंघन है। विशेष रूप से याचिकाकर्ता ने कहा कि देरी भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 ई(3) का उल्लंघन करती है जो यह अनिवार्य करता है कि पंचायतों के चुनाव उनके कार्यकाल की समाप्ति से पहले या विघटन के मामले में छह महीने के भीतर आयोजित किए जाएं। याचिकाकर्ता ने एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न उठाया कि क्या यह देरी 1994 के अधिनियम की धारा 103 और 166 का उल्लंघन करती है या यह पंजाब राज्य सरकार की प्रशासनिक जिम्मेदारी में चूक को दर्शाती है। पंजाब सरकार ने कहा कि बाढ़ के कारण चुनाव की प्रक्रिया में देरी हुई है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि क्या आप बाढ़ का इंतजार कर रहे थे। बाढ़ से पहले चुनाव क्यों नहीं करवाए गए जबकि आदेश जारी किया गया था। पंजाब सरकार ने कहा कि अब हर हालत में 5 दिसंबर से पहले चुनाव करवा लिए जाएंगे। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट से आदेश का पालन करने के लिए दिसंबर तक की मोहलत मांगी, जिसे मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई टाल दी।