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Chandigarh News: बिना प्रिंसिपल के चल रहा कैंबवाला का सरकारी स्कूल, शिक्षकों की भारी कमी से पढ़ाई प्रभावित

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चंडीगढ़। कैंबवाला गांव का सरकारी स्कूल बीते अक्तूबर से प्रिंसिपल के बिना ही संचालित हो रहा है। स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि जिन विषयों की सबसे ज्यादा जरूरत है, उन्हीं के शिक्षक स्कूल में मौजूद नहीं हैं।
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स्कूल में हिस्ट्री, फिजिकल एजुकेशन और पॉलिटिकल साइंस जैसे मुख्य विषयों के पीजीटी शिक्षक तैनात नहीं हैं। जो अभी मौजूद हैं उनमें से भी कई को मैनेजमेंट के कामों को करना पड़ रहा है। मजबूरी में जेबीटी शिक्षक 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाकर काम चला रहे हैं, जबकि ये शिक्षक प्राथमिक कक्षाओं के लिए नियुक्त होते हैं।

यह स्कूल दो शिफ्टों में चल रहा है। यहां छात्र संख्या ज्यादा और स्टाफ कम होने के कारण स्कूल को डबल शिफ्ट में चलाया जा रहा है। स्कूल में कुल 1478 विद्यार्थी पढ़ते हैं। मॉर्निंग शिफ्ट में 927 और ईवनिंग शिफ्ट में 551 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इवनिंग शिफ्ट में 15 सेक्शन हैं और 15 ही टीचर हैं। ऐसे में सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
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शिक्षकों के कई पद खाली
स्कूल में प्रिंसिपल का एक, पीजीटी हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, फिजिकल एजुकेशन की तीन, टीजीटी साइंस मेडिकल की एक, टीजीटी नॉन मेडिकल की 2, टीजीटी अंग्रेजी की एक, टीजीटी हिंदी की एक, टीजीटी पंजाबी की एक, टीजीटी ड्राइंग की एक, एनटीटी की एक पोस्ट खाली है। इसके अलावा टीचरों की कमी के कारण विद्यार्थियों को इलेक्टिव कोर्सेज कराने में भी समस्या आ रही है।

अभिभावकों का कहना है कि जब स्कूल में न प्रिंसिपल है और न ही विषय विशेषज्ञ शिक्षक, तो बच्चों का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा। 11वीं, 12वीं जैसे अहम कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अपने मुख्य विषयों की सही पढ़ाई नहीं मिल पा रही है। स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द प्रिंसिपल और आवश्यक शिक्षकों की नियुक्ति की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था पटरी पर लौट सके और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
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