चंडीगढ़। नगर निगम की बैठक में पार्षद सौरभ जोशी ने शहर की सफाई व्यवस्था से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से 2021-22 तक 264 करोड़ के ठेके पर सफाई का कार्य दिए गए मैसर्स लॉयंस सर्विस एजेंसी को पिछले कई वर्षों से लगातार एक्सटेंशन दी जा रही है। यह एक्सटेंशन बिना किसी प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के दी जा रही है। जोशी ने कहा कि यह व्यवस्था पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है और शहर के वित्तीय हितों को नुकसान पहुंचा रही है।
जोशी ने आरोप लगाया कि नगर निगम के भीतर कुछ काले भेड़ों की मिलीभगत से यह एजेंसी बार-बार एक्सटेंशन प्राप्त कर रही है। इससे चंडीगढ़ की सफाई व्यवस्था किसी न किसी रूप में बंधक बन चुकी है। उन्होंने दो-टूक कहा कि चंडीगढ़ जैसी आधुनिक एवं नियोजित सिटी को एक्सटेंशन आधारित व्यवस्था नहीं बल्कि स्थायी समाधान की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि चंडीगढ़ के हितों को कुछ व्यक्तियों के निजी लाभ के लिए दांव पर नहीं लगाया जा सकता। शहर एक्सटेंशन पर नहीं चल सकता, समाधान चाहिए।
हॉलिस्टिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल की ओर बढ़ना होगा
पार्षद जोशी ने कहा कि चंडीगढ़ को अब हॉलिस्टिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल की ओर बढ़ना होगा। अलग-अलग एजेंसियों पर निर्भर रहने की बजाय शहर को एकीकृत, आधुनिक और राजस्व-उत्पादक कचरा प्रबंधन प्रणाली अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर की सभी प्रमुख कचरा प्रबंधन प्रणालियां जैसे हॉर्टिकल्चर वेस्ट प्लांट, ड्राई एवं वेट वेस्ट प्लांट, ई-वेस्ट प्लांट, काऊ-डंग प्लांट तथा सीएंडडी वेस्ट प्लांट को एक ही व्यापक मॉडल के तहत राजस्व आधारित ढांचे में शामिल किया जाना चाहिए।