मनीमाजरा। मनीमाजरा बस स्टैंड के पास शोरूमों के बाहर अवैध पार्किंग मुसीबत बनी हुई है। दोपहिया वाहन चालकों ने सड़क पर स्थायी कब्जा कर रखा है। यहां सुबह से लेकर देर शाम तक जाम की समस्या लगातार बनी रहती है।
बस स्टैंड की एंट्री पर खड़े इन वाहनों की वजह से बसों को भीतर जाने तक की जगह नहीं मिलती। कई बार बस ड्राइवरों और वाहन मालिकों के बीच विवाद भी हुए जो पुलिस तक पहुंचे लेकिन हर बार पुलिस ने केवल समझौता करवाकर मामला रफा-दफा कर दिया। आज तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
शोरूमों के आगे मौजूद बरामदा और करीब 10 फुट चौड़ा फुटपाथ पूरी तरह खाली रहता है, बावजूद इसके दोपहिया वाहन सड़क पर ही खड़े किए जाते हैं। दुकानदार फुटपाथ का इस्तेमाल पार्किंग के लिए नहीं करते, बल्कि सड़क पर कब्ज़ा कर लेते हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो जाती है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बस स्टैंड के साथ मौजूद बूथों और शोरूमों का अपना पार्किंग एरिया है लेकिन उस पर भी कब्जा है। पार्किंग नाम मात्र की रह गई है और बस स्टैंड किसी तरह संचालित हो रहा है।
पुलिस और ट्रैफिक विभाग की लापरवाही
स्थानीय लोग बताते हैं कि पुलिस वर्षों से इन समस्याओं से वाकिफ है लेकिन कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। नतीजा यह है कि मनीमाजरा की ओल्ड रोपड़ रोड, बस स्टैंड, मोटर मार्केट, मनसा देवी रोड, हर जगह जाम आम बात हो गई है। समाजसेवी रामेश्वर गिरि, कुलवंत जग्गा और आरिफ चौधरी का कहना है कि राणा हवेली चौक से लेकर मुख्य बाजार तक हर जगह दोपहिया वाहन चौराहे पर ही खड़े मिलते हैं लेकिन जिम्मेदारी तय करने को लेकर पुलिस और नगर निगम एक-दूसरे पर दोष मढ़ते रहते हैं। इस खींचतान का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा
मनीमाजरा व्यापार मंडल के प्रधान मलकीत सिंह ने बताया कि सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया है। कोर्ट के निर्देश मिलते ही पुलिस और नगर निगम को कार्रवाई करनी पड़ेगी। मनीमाजरा बाजार में पहुंचे लोगों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि रोज का यह जाम उनकी दिनचर्या का सबसे बड़ा संकट बन चुका है लेकिन प्रशासन की उदासीनता खत्म होने का नाम नहीं ले रही।