चंडीगढ़। शरीर के अंग ही नहीं बल्कि रोम-रोम नृत्य करने लगता है। इसके लिए लग्न और निष्ठा के साथ निरंतर मेहनत करनी पड़ती है और हर दिन रियाज़ अनिवार्य है। यह बात कथक नर्तक डॉ. अमित गंगानी ने टैगोर थिएटर में बुधवार को दर्शकों से रूबरू होते हुए कही। उन्होंने कहा कि नृत्य करते समय शरीर की कसरत भी हो जाती है। डॉ. अमित गंगानी सेक्टर 42 के पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स के नृत्य विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं और वे कथक नृत्य के जयपुर घराने के प्रतिष्ठित कलाकार हैं।