चंडीगढ़। मोटर एक्सीडेंटल क्लेम ट्रिब्यूनल ने सड़क हादसे के एक मामले में मृतक के परिवार को 7 लाख 13 हजार रुपये मुआवजा के तौर पर देने के आदेश दिए हैं। मुआवजे की रकम कार चालक हरीश कुमार, वाहन मालिक ज्ञान सिंह और चंडीगढ़ स्थित वाहन की बीमा कंपनी द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को मृतक के परिजनों को देनी होगी। हादसा जनवरी 2020 में उस समय हुआ, जब मृतक जय करण दत्ता हिमाचल नंबर की कार में सवार हो जुब्बल से गांव मैलती की तरफ जा रहा था। जैसे ही वह गांव कलगांव टीरो कैंची के पास पहुंचे तो चालक गाड़ी से नियंत्रण खो बैठा और कार 15 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इसमें जय करण दत्ता की मौत हो गई और कार में सवार अन्य लोग घायल हो गए। हादसे को लेकर मृतक के परिवार ने मुआवजे की मांग को लेकर अदालत में याचिका दायर की थी।
जानकारी के अनुसार शिमला के रोहड़ू के गांव कलगांव के रहने वाले मृतक जय करण दत्ता (63) के परिवार की ओर से अदालत में 35 लाख रुपये के मुआवजे को लेकर याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं में मृतक की पत्नी और तीन बच्चे शामिल है। दायर याचिका में बताया कि मृतक जय करण दत्ता किसान थे। वह 20 हजार रुपये प्रति माह कमाता था। घटना वाले दिन 21 जनवरी 2022 को वह ज्ञान सिंह और रणधीर सिंह के साथ हिमाचल नंबर की कार में सवार होकर जुब्बल से गांव मैलती की तरफ जा रहा था। हादसे के वक्त कार को ज्ञान सिंह के बेटा हरीश कुमार चला रहा था। आरोपी के तहत कार चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था। शाम करीब 5.45 बजे जब वे गांव कलगांव टीरो कैंची के पास पहुंचे तो चालक गाड़ी से नियंत्रण खो बैठा और कार 15 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार सभी लोग घायल हो गए। जय करण दत्ता को गंभीर चोंटे आई और उन्हें इलाज के लिए रोहड़ू के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।