बता दें कि बैठक से पहले आरोपी जेई लोविश कुमार सिंडिकेट सदस्यों व वीसी को ज्ञापन देने पहुंचा था। उसने कहा था कि बैठक के एजेंडे में पेश किए जा रहे उसके केस में कागजात पूरे नहीं हैं।
सिंडिकेट में पेश एजेंडे के अनुसार सत्यपाल जैन की अध्यक्षता में कमेटी ने रिश्वत मामले में रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट के अनुसार जेई के खाते में उसकी तनख्वाह के अलावा लगभग 60 ट्रांजेक्शन हुई जिसमें से जेई कमेटी को सिर्फ 14 का ही हिसाब दे पाया था। कांट्रेक्टर पर भर्ती करवाने के नाम पर जेई की ओर से 35 हजार रुपए मांगे गए थे। उम्मीदवार 20 हजार रुपए दे चुका था और जेई अन्य 15 हजार के लिए दबाव बना रहा था। इससे परेशान होकर उम्मीदवार ने लिखित में शिकायत दी गई थी।
मामले में शिकायतकर्ता ने बताया था कि जेई को रिश्वत की रकम सेक्टर-14 के एक दुकानदार के जरिए दी गई थी। मामले में कमेटी की ओर से सिफारिश की गई थी कि इसकी गहनता से जांच के लिए केस को पुलिस को सौंपना चाहिए। इसके बाद सिंडिकेट सदस्यों ने भी भ्रष्टाचार के इस केस में कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस एफआईआर के लिए अनुमति दे दी है जिससे कि भविष्य में रिश्वत के मामलों में कमी लाई जा सके और यह कर्मचारियों के लिए एक सबक की तरह काम करे।