चंडीगढ़। कहते हैं कि फैशन का दौर फिर से लौटकर आता है। साड़ी और सूट के लेटेस्ट डिजाइन में परंपरा के पुट इस बात को साबित कर रहे हैं। किसी को पश्चिम बंगाल के बालूचारी साड़ी पर उकेरे गए अंजता-एलोरा के चित्र आकर्षित कर रहे हैं तो कोई राज दरबार के ऐतिहासिक चित्रों से सजे आंचल को लहराना चाहता है। सेक्टर-35 स्थित किसान भवन में शनिवार से शुरू हुए 10 दिवसीय प्रदर्शनी में देशभर से 80 से ज्यादा करीगरों ने स्टॉल लगाए हैं। वे अपने यहां के साड़ी और सूट के खास डिजाइन और पैटर्न को आधुनिक रंग में रंगकर लाए हैं।
प्रदर्शनी में आंध्र प्रदेश का धर्नावरम, बनारस की ऑर्गेंजा सिल्क, कटिया सिल्क, कढुआ सिल्क, आसाम का कोसा मूंगा कट वर्क, टशर सिल्क पर वेडिंग पैटर्न गुड़िया डिजाइन, राजस्थान का कोटा साड़ी चिमन,कसूरिया, लहरिया, गोटापत्ती, पाकिस्तानी क्रेप आर्ट वर्क, सिपी वर्क के सूट व डाबी दुपट्टा, गुजरात की शिबोरी टशर सूट, पश्चिम बंगाल की बालूचरी, सन्नाचूरी, सिंधी कढ़ाई और जयपुर के फ्लैमिंगो बाटिक, फमीरा, रंगीला प्रिंट, ओवर डाइंग फैब्रिक की ढेरों वॅरायट शामिल की गई है।
इनसेट-
क्या कहतीं हैं महिलाएं और लड़कियां
मलबरी सिल्क की साड़ी भायी
मैं दुर्गापूजा के लिए किसी खास ड्रेस की तलाश में यहां आई थी। मुझे आसाम के वेडिंग पैटर्न और डांसिंग पैटर्न पर आधारित मलबरी सिल्क की साड़ी बहुत पसंद आई है।
-सुनयना सिंह, सेक्टर 31
धर्नावरम साड़ी बहुत पसंद आई
मुझे आंध्र प्रदेश की धर्नावरम साड़ी बहुत पसंद आई है। उसके चौड़े बॉर्डर बहुत खूबसूरत हैं। उस पर की गई गोल्डन कढ़ाई उसकी सुंदरता को और बढ़ा रही है।
-आशा सिंह, सेक्टर 45
ढेरों विकल्पों से मनपसंद साड़ी चुनी
फेस्टिवल सीजन के लिए मुझे साड़ी और सूट की कुछ अलग डिजाइन चाहिए थी। यहां ढेरों विकल्प मिले जिसमें से शिबोरी का टशर सूट और रजवाड़े डिजाइन वाले आंचल की सन्नाचूरी साड़ी खरीदी है।
-आशिमा वर्मा, सेक्टर-11
कोट
क्लासिक लुक की एक अलग ही खूबसूरती नजर आती है। फिर चाहे वो आर्ट हो क्राफ्ट हो या ड्रेस, सभी में इसकी छटा एक अलग छाप छोड़ती है। फैशन और ट्रेंड में क्लासिक लुक हमेशा बरकरार रहता है जबकि बाकी चीजें आती और चली जाती हैं। मौजूदा समय में फैशन में क्लासिक लुक के डिजाइन की डिमांड काफी हो रही है। चाहे वो मंदिरों, भित्तिचित्रों पर उकेरी गई कलाकृति हो या फिर ऐतिहासिक पेंटिंग।
-दिव, फैशन डिजाइनर