ड्रा के दौरान पर्ची निकलता एक बच्चा।
चंडीगढ़। शहर के निजी स्कूलों में एंट्री कक्षाओं में दाखिले की दौड़ शुरू हो गई है। वीरवार को सेक्टर-40 स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) में नर्सरी कक्षा के दाखिले के लिए ड्रॉ निकाला गया। सुबह 11 बजे स्कूल के ऑडिटोरियम में हुए इस ड्रॉ में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने हिस्सा लिया। खुशी और निराशा के मिले-जुले माहौल में जिन बच्चों का नाम आया, उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। कुछ असमंजस में रहे, क्योंकि उन्होंने अन्य स्कूलों में भी आवेदन किया हुआ था। अब वो परेशान थे कि स्कूल में दाखिला ले लें या इंतजार करें। अब शुक्रवार को सेंट कबीर और चितकारा स्कूल में ड्रॉ निकाला जाएगा। वहीं, शनिवार को भवन विद्यालय और सेक्रेड हार्ट स्कूल में यह प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।
ड्राॅ प्रक्रिया सुबह 11 बजे शुरू हुई और एक घंटे में समाप्त हो गई। दिल्ली पब्लिक स्कूल में नर्सरी के लिए कुल 745 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि सीटों की संख्या केवल 100 थी। इनमें से 25 सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और वंचित समूह (डीजी) के लिए आरक्षित हैं। सामान्य वर्ग के लिए मात्र 32 सीटों पर ड्राॅ निकाला गया जबकि 25 सीटें सिब्लिंग्स के लिए आरक्षित रहीं। ड्राॅ प्रक्रिया में अभिभावकों ने बच्चों के साथ मिलकर पर्चियां निकालीं। हालांकि बहुत से अभिभावकों की किस्मत उनका साथ नहीं दे पाई। जिन बच्चों का नाम ड्रॉ में आया, उनके माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एक मां ने कहा कि यह उनके बच्चे के भविष्य के लिए एक बड़ा कदम है। वह कई दिनों से बस प्रार्थना कर रहे थे कि बच्चे का नाम ड्रॉ में आ जाए। अब मेहनत और दुआएं रंग लाई हैं। चयनित छात्रों की सूची स्कूल की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर जारी कर दी गई है। स्कूल प्रशासन ने ड्रॉ की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ड्रॉ की वीडियोग्राफी की गई और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए उपस्थित रहे।
अन्य स्कूलों में भी जारी है प्रक्रिया
ड्रॉ में कुछ परिजन ऐसे भी थे, जिनके बच्चों का नाम ड्रॉ में आ गया, लेकिन उन्होंने कुछ अन्य स्कूलों में भी आवेदन किया हुआ है। ऐसे में वह उन स्कूलों के ड्राॅ परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। उधर, शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार चयनित अभ्यर्थियों की सूची तीन फरवरी तक जारी करनी होगी और फीस जमा करने की अंतिम तारीख 13 फरवरी निर्धारित की गई है। डीपीएस में ड्रॉ के बाद अब अन्य स्कूलों में भी इसी प्रकार की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।