चंडीगढ़। पीजीआई निदेशक प्रोफेसर विवेक लाल ने पिछले दिनों हुए एक कार्यक्रम में सितंबर में न्यूरो साइंस सेंटर शुरू करने का वादा किया था लेकिन अब वो इसे भूल गए हैं। स्थिति यह है कि जिसे लेकर जनता से बड़े बड़े दावे किए गए थे वो सारे धराशायी नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार केंद्र शुरू करना तो दूर अभी तक उसके लिए उपकरणों के खरीद की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पाई है। अधिकारियों का कहना है कि न्यूरो साइंस सेंटर के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी के उपकरण खरीदने की कोशिश है लेकिन हालिया स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी ने इसे रिजेक्ट कर दिया। जिस कारण केंद्र का उद्घाटन अधर में है। इस सेंटर का निर्माण लगभग एक साल पहले पूरा हो चुका है लेकिन अब तक इसे शुरू करने की तिथि तय नहीं हो पा रही है।
न्यूरो साइंस सेंटर में न्यूरो सर्जरी व न्यूरोलॉजी के मरीजों का इलाज एक ही जगह होगा। 6 मंजिला बनने वाले इस सेंटर में 300 बेड की सुविधा है। 490 करोड़ की इस परियोजना को भारत सरकार ने 2017 में मंजूरी दी थी। मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान सेंटर का निर्माण कार्य रुक गया था और जून 2020 में फिर से शुरू किया गया था। सेंटर में 300 जनरल वार्ड बेड, 10 मॉड्यूलर ओटी और आईसीयू वाले ओटी कॉम्प्लेक्स, 10 हाई-डिपेंडेंसी यूनिट बेड और 30 प्राइवेट वार्ड के मरीजों के लिए सुविधा होगी। साथ ही इसमें 232 कारों के लिए पार्किंग की सुविधा भी होगी।
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अत्याधुनिक तकनीक से होगा लैस
इसमें सेरेब्रोवैस्कुलर सर्जरी, स्कल बेस सर्जरी, स्पाइनल फंक्शनल न्यूरोसर्जरी की सुविधा उपलब्ध होंगी। ब्रेन सूट की सुविधा देने का भी प्रयास किया जा रहा है ताकि इसकी जरूरत वाले मरीजों को विदेश न जाना पड़े। ब्रेन सूट एक अत्याधुनिक तकनीक है जो हमारे सर्जनों को मस्तिष्क ट्यूमर पर प्रभावी ढंग से ऑपरेशन करने में सक्षम बनाती है। इस केंद्र में स्ट्रोक, इम्यूनोलॉजिकल डिसऑर्डर, ट्रॉपिकल न्यूरोलॉजी, न्यूरोमस्कुलर डिवीजन और न्यूरो-डीजेनेरेटिव डिसऑर्डर जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के मरीजों का भी इलाज होगा।
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फिलहाल, न्यूरो साइंस सेंटर के शुरुआत के लिए कोई निश्चित तिथि तय नहीं की गई है। आवश्यक उपकरणों की खरीद का काम चल रहा है।
-पीजीआई प्रवक्ता