चंडीगढ़। लगातार बारिश ने संक्रामक बीमारियों के साथ मच्छर जनित रोग का खतरा बढ़ा दिया है। चिंता की बात यह है कि तीन दिन तक हुई बरसात से पहले ही शहर में डेंगू के 6 मरीज मिल चुके हैं। अब स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ मलेरिया विंग को मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए विभाग लगातार एडवाइजरी जारी कर लोगों को जागरूक करने में जुटा हुआ है लेकिन लोग अपने घर में ही डेंगू और मलेरिया के मच्छर पालने से बाज नहीं आ रहे हैं। स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह ने बताया कि मच्छर जनित बीमारियों से बचाव व रोकथाम के लिए मलेरिया विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। एंटी लारवा के साथ जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। डेंगू और मलेरिया से बचाव में लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है।
बचना है तो ऐसा करें
पानी के सभी कंटेनर/ओवरहेड टैंक को ठीक से ढककर रखें।
घरों, कार्यालयों, कारखानों, स्कूलों में कूलरों और कंटेनरों को हफ्ते में एक बार सुखाएं।
रेफ्रिजरेटर की पिछली ट्रे को हफ्ते में एक बार जरूर साफ करें।
पक्षियों/जानवरों को खिलाने के बर्तन को स्क्रब से साफ करें, पानी लगातार बदलते रहें।
दरवाजे/खिड़कियाें में जाली लगवाएं।
सोते समय बड़े और बच्चों दोनों के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।
घर की छत पर टूटा डिब्बा, फर्नीचर, कबाड़ न रखें।
नारियल पानी पीने के बाद उसका खाली छिलका यहां-वहां न फेंके, उसमें एकत्र पानी में भी लार्वा मिल रहे हैं।
मलेरिया विभाग को यहां मिले डेंगू के लार्वा- जनवरी 2023 से 30 जून तक
कुल देखे गए घरों की संख्या 438681 है
जांचे गए 70555 कूलर में से 1005 में मिले लार्वा
जांचे गए 657659 कंटेनरों में से 828 में मिले लार्वा
जांचे गए 246079 ओवर हेड टैंकों में 45 में मिले लार्वा
जांचे गए 10944 रेफ्रिजरेटर बैक ट्रे में से 45 में मिले लार्वा
जांचे गए 19257 टायरों में 25 में मिले लार्वा
जांची गई 1222 हौदी में से 5 में मिले लार्वा
इतनों पर हुई कार्रवाई
कारण बताओ नोटिस- 80
चालान- 163
नोटिस- 4123
इनसेट-
मदद के लिए इस नंबर पर करें कॉल
मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए प्रशासन 24 घंटे सातों दिन हेल्पलाइन नंबर 7626002036 संचालित कर रहा है। फॉगिंग, स्प्रे या मच्छरों से बचाव के लिए दी जा रही सुविधाओं की अनदेखी से संबंधित शिकायत के लिए इस नंबर पर कॉल करके मदद ली जा सकती है।
यहां कराएं डेंगू की जांच
पीजीआई के वायरोलॉजी विभाग, जीएमसीएच-32 के माइक्रोबायोलॉजी विभाग, जीएमएसएच-16 के माइक्रोबायोलॉजी विभाग और मनीमाजरा, सेक्टर-22 व सेक्टर- 45 के सिविल अस्पताल में डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा जांच की सुविधा उपलब्ध है।
बरसात के दौरान मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। जरूरी है कि घर के अंदर और बाहर पानी एकत्र न होने दें।
-यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव