कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए हरियाणा के सभी बॉर्डर सील कर दिए गए हैं। पुलिस, प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। दिल्ली से हरियाणा में एंट्री मुश्किल हो गई है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत के अलावा पंजाब से लगते बॉर्डर भी सील कर दिए गए हैं। रोजाना पास लेकर आवागमन करने वालों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। हरियाणा ने संक्रमण के बढ़ते मामलों के लिए दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही सरकारी व अन्य कर्मचारियों के लिए नए पास जारी न करने की अपील की है।
गृह मंत्री अनिल विज ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपने कर्मचारियों को दिल्ली में ही ठहराने की व्यवस्था करने के लिए कहा है। विज ने कहा कि पहले दिल्ली से जो तब्लीगी आए, उनमें से 120 कोरोना पॉजिटिव निकले। उनका सरकार ने इलाज करवाया। बहुत सारे लोग जो दिल्ली मे नौकरी करते हैं, वे हरियाणा मे रहते हैं। पास बनाकर वहां से आ रहे हैं और वे कोरोना करियर बने हुए हैं। ये चिंता का विषय है।
विज ने बताया कि सोनीपत मे लगभग 9 केस ऐसे आए हैं, जिन्हें दिल्ली से संक्रमण हुआ है। पानीपत में दिल्ली के एक कर्मचारी बहन जो समालखा थाने मे सब इंस्पेक्टर है, वो संक्रमित हुई। उसका सारा परिवार संक्रमित हुआ, हमें समालखा थाने को क्वारंटीन करना पड़ा। इसलिए दिल्ली के मुख्यमंत्री से अपील है कि हरियाणा के कर्मचारी जो दिल्ली में काम कर रहे हैं, उनकी दिल्ली मे रहने की व्यवस्था करें। उनको पास जारी करके हरियाणा न भेजें। इससे हरियाणा मे कोरोना संक्रमित केसों की संख्या बढ़ रही है।
विज ने कहा कि हमने बॉर्डर सील किए हुए हैं और वहां से किसी को आने की इजाजत नहीं है। जो पास लेकर आते हैं उन्हें रोका नहीं जा सकता, क्योंकि ये केंद्र सरकार की एडवाइजरी है। इसलिए हम चाहते हैं कि दिल्ली सरकार पास जारी न करे और उन्हें दिल्ली में ही रखें।
कच्ची शराब बनाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
अनिल विज ने कहा कि हरियाणा में अवैध शराब का काम करने वाले लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पानीपत के साथ यमुना नदी के साथ सटे इलाको में कच्ची शराब बनाने का धंधा चल रहा है। अवैध शराब का काम करने वाले लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस आदेश दिए हुए हैं, पुलिस उन्हें पकड़ भी रही है।
पीजीआई वैक्सीन बना ले तो बड़ी उपलब्धि
विज ने कहा कि पीजीआई चंडीगढ़ में कोरोना से लड़ने के लिए वैक्सीन का परीक्षण चल रहा है। अगर ये कामयाब हो जाता है तो मानव जाति के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि महामारी से लड़ने के लिए जब तक कोई वैक्सीन तैयार नहीं होती तब तक खतरा तो है ही।