सीटीयू के बेड़े में खड़ी कंडम बसें बेशक अब किसी काम की न रही हों, लेकिन इनकी कीमत आज भी लाखों में है।
मंगलवार को सीटीयू की 9 कंडम बसों की नीलामी की गई, जिनसे साढ़े 15 लाख रुपये से अधिक की कमाई हुई।
बसों की नीलामी के लिए सैकड़ों खरीदार बोली लगाने पहुंचे थे। बसों के अलावा अन्य सरकारी गाड़ियों की भी नीलामी हुई। इस पूरी नीलामी से प्रशासन को 16.63 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
सीटीयू के जनरल मैनेजर एसपी परमार ने बताया कि नीलामी में जो कंडम बसें थी वो अधिकतर 1998-1999 मॉडल की थीं। इनमें सीएच01जी-8140 नंबर बस की सबसे ऊंची बोली लगी।
ये बस 2 लाख 5 हजार में बिकी। इसकेअलावा 4 बसें 2 लाख 4 हजार रुपये में बिकी। परमार ने बताया कि इन बसों को ज्यादातर लोग स्कूल बस के लिए इस्तेमाल करने के उद्देश्य से खरीदते हैं।
परमार का कहना है कि इन बसों व अन्य सरकारी गाड़ियों के खरीदारों को सरकारी नंबर वापस करना होगा और नई रजिस्ट्रेशन करवानी होगी।
...और नहीं बिकी एंबेसडर
सरकारी एंबेसडर गाड़ी जब तक अफसरों केपास है, तब तक ही इसकी कीमत है। मंगलवार को नीलामी केलिए 14 सरकारी गाड़ियां आई थीं, जिनमें 6 तो एंबेसडर ही थी।
नीलामी के दौरान एक भी एंबेसडर गाड़ी नहीं बिक सकी। जीएम परमार ने बताया कि एंबेसडर की रिसेल वैल्यू कम होती है और कम माइलेज के कारण लोग इसे खरीदना पसंद नहीं करते।
एंबेसडर ही नहीं अन्य सरकारी गाड़ियों के लिए खरीदारों ने रुचि नहीं दिखाई। नीलामी में शामिल 14 में से केवल एक ही सरकारी गाड़ी बिक सकी। सरकारी जिप्सी (सीएच01जी-0203) की ही बोली लगी, जोकि 94 हजार में बिकी।