नयागांव। इलाके में कई साल से सफाई कर रही कंपनी का ठेका शुक्रवार को रद्द कर दिया गया। सूत्रों से पता चला है कि ठेकेदार पर सफाई के लिए कम कर्मचारी लगाकर अधिक कर्मचारियों के पैसे लेने का आरोप है। वहीं, नई कंपनी को ठेका भी दे दिया गया है लेकिन अभी इस बारे में नगर परिषद के अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं।
शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा निजी कंपनी फ्रेंड्स एसोसिएट के पास है। वह काफी समय से शहर में सफाई कर रही थी। शुक्रवार सुबह उसके प्रबंधकों को ठेका रद्द होने का नोटिस मिल गया। इसके बाद उन्होंने परिषद के अधिकारियों से इसकी वजह जानने की कोशिश की तो अधिकारियों ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस पर ठेकेदार बलवंत गिल ने आरोप लगाते कहा कि रातोंरात टेंडर रद्द करना गलत है। अगर उनके काम में खामी थी तो परिषद के अफसरों को एक बार चेतावनी देनी चाहिए थी। इसके अलावा उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नए ठेकेदार को ठेका देने में नियमों का पालन नहीं किया गया है। नियमों के अनुसार उस कंपनी को ही सफाई का ठेका मिलना था जिसे सफाई के काम का सात साल का अनुभव हो जबकि इस कंपनी को सात साल का अनुभव नहीं है। इसके अलावा कई अन्य नियमों का पालन भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में अधिकारियों के सामने बात रखेंगे। इस संबंधी जब ईओ आरके जिंदल से बात की तो उन्होंने कहा कि मामला ध्यान में नहीं है क्योंकि उन्होंने हाल ही में ज्वाइन किया है।
जेई के साथ मिलीभगत करके टेंडर रद्द करने के लगे आरोप
पुराने ठेकेदार बलवंत गिल ने कहा कि नई कंपनी ने जनवरी और फरवरी में ही अपने सारे दस्तावेज बनाए हैं। नियमों के अनुसार कंपनी सात साल पुरानी होनी चाहिए लेकिन नए ठेकेदार ने परिषद के जेई के साथ मिलकर इस सारी हेराफेरी को अंजाम दिया है और वह इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे।
कोट्स...
-सब कुछ नियमों अनुसार हुआ है। टेंडर ऑनलाइन हुआ था। उसमें जिसने सबसे कम कीमत भरी थी उसे टेंडर दे दिया गया है। -अमनदीप शर्मा, जेई