शहर के छह हिस्सों के कंटेनमेंट जोन घोषित होने के बाद पाबंदियों के बीच जीने में लोगों को काफी परेशानी हो रही है। बापूधाम को छोड़ कर बाकी अन्य पांचों कंटेनमेंट जोन में बीते काफी समय से कोई कोरोना का नया केस सामने नहीं आया है, बावजूद इसके लोग कैद हैं। इसको लेकर अब लोगों का सब्र का बांध टूटने लगा है और कई ने इसकी शिकायत प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से की है।
चंडीगढ़ के स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से कंटेनमेंट जोन को हटाने को लेकर नई गाइडलाइंस आई हैं। इनके अनुसार जिस भी कंटेनमेंट जोन में पिछले 28 दिन से कोई नया केस नहीं आया है, उसे कंटेनमेंट जोन की सूची से बाहर किया जाएगा और उन पर लगी पाबंदियों को भी हटा दिया जाएगा।
पहले कंटेनमेंट जोन को खत्म करने को लेकर दिशा-निर्देश काफी सख्त थे। पुरानी गाइडलाइंस के अनुसार किसी भी कंटेनमेंट जोन के आखिरी कोरोना के मरीज के डिस्चार्ज होने के 28 दिन बाद ही इस इलाके में कंटेनमेंट जोन को खत्म किया जा सकता था। अब भारत सरकार ने गाइडलाइंस में बदलाव किए हैं।