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Research on Back Pain: महिलाओं में कमर दर्द का मर्ज बन रहा घातक, पीजीआई पेन क्लीनिक के शोध में खुलासा

Mon, 17 Oct 2022 02:24 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

शोध की प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर व पीजीआई पेन क्लीनिक की प्रभारी डॉ. बबीता घई ने बताया कि कमर दर्द की बढ़ती समस्या अब कम उम्र के लोगों में भी सामने आ रही है जिसका मुख्य कारण गलत क्रियाकलाप व खानपान है।
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back pain
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विस्तार
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कमर दर्द की परेशानी गंभीर रूप धारण करती जा रही है। चिंता की बात यह है कि इससे महिलाएं ज्यादा प्रभावित हैं। इस बात की पुष्टि पीजीआई के पेन क्लीनिक के विशेषज्ञों द्वारा किए गए शोध में हुई है। ट्राइसिटी के 1531 लोगों पर किए गए सर्वे में यह बात सामने आई है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं इस मर्ज से ज्यादा ग्रस्त हैं। वहीं चौंकाने वाली बात यह है कि मोटापा कमर दर्द के मुख्य कारण के रूप में सामने नहीं आया है। कमर दर्द से ग्रस्त मरीजों में क्रॉनिक स्थिति वाले मरीजों की संख्या ज्यादा पाई गई है। 

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शोध की प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर व पीजीआई पेन क्लीनिक की प्रभारी डॉ. बबीता घई ने बताया कि कमर दर्द की बढ़ती समस्या अब कम उम्र के लोगों में भी सामने आ रही है जिसका मुख्य कारण गलत क्रियाकलाप व खानपान है। इससे बचाव के लिए जरूरी है कि अपने रहन सहन के साथ ही खानपान पर विशेष ध्यान दें। वहीं महिलाओं को इसे लेकर ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है।

इसलिए होता है कमर दर्द
डॉ. बबिता ने बताया कि रीढ़ का निचला हिस्सा हमारे शरीर का ज्यादातर वजन उठाता है। जब हम झुकते, मुड़ते या भारी वस्तु उठाते हैं तब भी सारा भार रीढ़ के निचले हिस्से पर पड़ता है। जब हम एक स्थान पर ज्यादा समय बैठते हैं तब भी भार उसी स्थान पर पड़ता है। इन सब कारणों से रीढ़ को सहारा देने वाली मांसपेशियां, टिश्यू तथा लिंगामेंटस पर बार-बार दबाव पड़ता है। इस तरह की इंजरी को स्ट्रेस इंजरी कहते हैं जिससे लो बैक पेन या कमर दर्द वाली स्थिति उत्पन्न होती है। 
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शोध में शामिल 1531 लोगों में से अलग-अलग कैटेगरी में अलग-अलग आयु वर्ग में इस प्रकार मिली समस्या 

  • 871 में जीवनभर रहने वाली के रूप में मिला मर्ज
  • पुरुषों की संख्या 346 व महिलाओं की संख्या 525 
  • 185 गंभीर रूप से पीड़ित मरीज मिले। इनमें पुरुषों की संख्या 73 और महिलाओं की संख्या 112 

इन कैटेगरी में से लिया गया लोगों को

  • 18 से 30 साल के बीच के 886 युवाओं में से 445 में दर्द की शिकायत मिली। इनमें 159 पुरुष और 286 महिलाएं शामिल हैं। 
  • 30 से 60 साल के बीच के 621 लोगों को किया शामिल। इनमें से 412 में मिली शिकायत। इनमें 179 पुरुष और 233 महिलाएं शामिल। 
  • 60 साल से ज्यादा उम्र के 25 लोग को किया शामिल। इनमें 17 में से 8 पुरुष व 9 महिलाओं में परेशानी मिली।    
  • 375 ज्यादा वजन के लोगों को किया शामिल। 123 पुरुषों और 86 महिलाओं में मिली कमर दर्द की समस्या।
  • 232 कम वजन वाले लोगों को किया शामिल। इनमें से 130 में कमर दर्द की शिकायत मिली। 27 पुरुष और 103 महिलाओं में सामने आई समस्या। 

बचना है तो ये करें

  • लैपटॉप और डेस्कटॉप पर काम कर रहे हों तो इस चीजों के सबसे ऊपरी भाग आपकी नजर के 90 डिग्री के कोण में होनी चाहिए। वहीं माउस भी 90 डिग्री के कोण पर होना चाहिए।
  • मोबाइल फोन इस्तेमाल करते वक्त गर्दन न झुकाएं, सिर्फ नजर नीचे रखें।
  • अपने आसपास के लोगों से बात करने के लिए चैट मैसेज की बजाय उनके पास जाकर बात करने की आदत डालें। इससे शरीर लचीला होता है और मांसपेशियां सक्रिय होती है जिससे दर्द वाली स्थिति उत्पन्न नहीं होती। 
  • वजन उठाते वक्त पूरी तरह नीचे ना बैठें, वजनदार चीज आपके शरीर के पास आने दें और उसके बाद ही उसे उठाएं। 

स्वास्थ्य एवं खानपान

  • सोने के तरीके में कुछ बदलाव करके पीठ पर पड़ने वाले दबाव को कम कर सकते हैं, सोने का सबसे अच्छा तरीका है, करवट लेकर सोना और अपने पैरों के बीच में तकिया रखना।
  • योग, ध्यान, गहरी सांस लेने, आदि से तनाव को दूर करने में मदद मिलती है और दिमाग शांत रहता है। जो कमर दर्द जैसी स्थिति से बचाव करता है
  • धूम्रपान छोड़ने से न केवल पीठ दर्द का खतरा कम होता है बल्कि इससे कैंसर, डायबिटीज और जीवनशैली से जुड़ी अन्य बीमारियों को भी दूर करने में मदद मिलती है।
  • शरीर को लचीला और अच्छी शारीरिक मुद्रा बनाए रखने के लिए योग और व्यायाम सबसे सही तरीके हैं। इससे कमर दर्द में भी राहत मिलती है। 
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