चंडीगढ़। जनता को घर के नजदीक बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के अंतर्गत केंद्र बनाए जा रहे हैं लेकिन इसमें भी स्वास्थ्य विभाग चालाकी कर रहा है। स्थिति यह है कि विभाग उन भवनों में यह केंद्र संचालित कर रहा है, जहां पहले से अस्पताल चल रहे हैं। यानी टू इन वन का फार्मूला चलाकर कागजों पर केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है। विभाग ने ऐसा किया है सेक्टर-56 स्थित जीएमसीएच-32 के प्रशिक्षण केंद्र में, जहां पहले से मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डॉक्टर ओपीडी चला रहे हैं। उसी केंद्र में स्वास्थ्य विभाग भी पीएम-एबीएचआईएम केंद्र का संचालन कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग के कागजों पर तो इस केंद्र का नाम आरएचटीसी पलसोरा है लेकिन हकीकत में यह सेक्टर 56 में स्थित है। वहीं, दूसरी तरफ जिस पलसोरा में इन्हें केंद्र बनाना था, उसी गांव में लगभग डेढ़ साल से विभाग का एक स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़ा है। उस क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब विभाग उधारी के भवनों में केंद्र चला रहा है तो उसे अपने इस बंद पड़े केंद्र को ही दोबारा संचालित करने की व्यवस्था करनी चाहिए थी लेकिन बजट मिलने और खर्च होने के बावजूद केंद्र की स्थिति बदहाल ही है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पलसौरा केंद्र के लिए स्कूल की जमीन ली गई है लेकिन ध्वस्तीकरण और निर्माण की प्रक्रिया पूरी हाेने में कम से कम दो साल लग जाएगा।
ऐसे 15 सेंटरों का हो रहा संचालन
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत शहर में ऐसे 15 सेंटरों का संचालन किया जा रहा है जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने एनएचएम के अंतर्गत 15 डॉक्टर और 15 फार्मासिस्ट की तैनाती भी की है। इन सेंटरों में एक-एक डॉक्टर की ही तैनाती का निर्देश मिला है। इसके चलते विभाग उस एकमात्र डॉक्टर की अनुपस्थिति में वहां अन्य डॉक्टर की व्यवस्था न कर पाने की परेशानी से जूझ रहा है।
एक साल पहले से हो रहा कायाकल्प का प्रयास
इन केंद्रों को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगभग एक साल पहले से प्रयास कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो इसके अंतर्गत भारत सरकार से मिले बजट को अन्य संबंधित विभागों को लगभग एक साल पहले ही दिया जा चुका है लेकिन कागजी कार्रवाई व मानकों का हवाला देकर व्यवस्था को बेहतर बनाने में विलंब किया जा रहा है। वहीं, कुछ केंद्रों के लिए भवन बनाने का काम जमीन की तलाश पूरी न होने के कारण रुका है, वहीं कुछ पुराने भवन तोड़ने के बाद केंद्र के लिए भवन बनाए जाने हैं। ये सभी प्रक्रियाएं लगातार लंबित होती जा रही हैं। जिसके कारण क्षेत्र की जनता को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
पीएम-एबीएचआईएम में यूएचडब्ल्यूसी की सूची
रायपुर कलां, बढहेड़ी, खुड्डा जस्सू, किशनगढ़, रायपुर खुर्द, खुड्डा लाहौरा, खुड्डा अलीशेर, इंदिरा कॉलोनी, सेक्टर-44, सेक्टर-9, पब्लिक हेल्थ डिस्पेंसरी सेक्टर-25, आरएचटीसी पलसोरा, सेक्टर-52, सेक्टर-39, मक्खनमाजरा।