चंडीगढ़। आबकारी एवं कराधान आयुक्त ने शहर के खुदरा शराब कारोबारियों को आदर्श आचार संहिता के दौरान चंडीगढ़ की नई आबकारी नीति का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही किसी भी उल्लंघन या ढिलाई के लिए नीति के तहत सख्त कार्रवाई और आईपीसी के तहत दंडात्मक कार्रवाई के लिए भी चेताया गया है। विभाग की ओर से 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए आबकारी नीति वर्ष और वर्तमान में लागू चुनाव आदर्श आचार संहिता से पहले विभिन्न हितधारकों के साथ बैठकेें की जा रही हैं।
इस शृंखला में शनिवार को आयुक्त आबकारी एवं कराधान विनय प्रताप सिंह ने खुदरा शराब की दुकानों के लाइसेंसधारियों के साथ एक बैठक आयोजित की। बैठक में कलेक्टर (आबकारी) सह अतिरिक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त, एईटीसी, ईटीओ और यूटी चंडीगढ़ के खुदरा शराब की दुकानों के लाइसेंसधारियों ने भाग लिया। लाइसेंसधारियों को लोकसभा चुनाव-2024 के मद्देनजर आबकारी नीति 2024-25 के अनुपालन और ईसीआई द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता के दिशा-निर्देशों के प्रवर्तन के बारे में अवगत कराया गया। विभाग ने 1 अप्रैल 2024 से आबकारी नीति के पूर्ण कार्यान्वयन के बारे में हितधारकों को जागरूक भी किया। विभाग ने कारोबार को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग का आश्वासन दिया। हालांकि हितधारकों को आबकारी नीति 2024-25, आबकारी अधिनियम, 1914 और उसके तहत बनाए गए नियमों और एमसीसी दिशा9निर्देशों का सख्ती से पालन करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
लाइसेंसधारियों को अवगत कराया गया कि किसी भी उल्लंघन या ढिलाई के लिए नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और साथ ही आईपीसी के तहत दंडात्मक कार्रवाई भी शुरू की जाएगी। इस मौके पर अंतरराज्यीय तस्करी के खतरे को रोकने पर जोर दिया गया। इससे पहले 28 मार्च को यूटी चंडीगढ़ के शराब के बोतलबंद और थोक विक्रेताओं के साथ इसी तरह की बैठक आयोजित की गई थी।