चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनाव का फिर से बिगुल बज गया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पीयू ने चुनाव का कार्यक्रम जारी दिया है। 26 अप्रैल से चुनाव शुरू होंगे जो 16 मई तक चलेंगे। पुराने नामांकन के आधार पर ही चुनाव होंगे। चुनाव का कार्यक्रम जैसे ही जारी हुआ तो प्रत्याशियों ने प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया।
खास बात यह है कि पीयू शासन सुधार के लिए चांसलर की ओर से बनाई गई उच्चस्तरीय समिति की 14 अप्रैल को होने वाली बैठक पर लोगों की नजर टिक गई है। सीनेट चुनाव कार्यक्रम जारी करने के बाद लोगों में असमंजस है कि इस समिति की सिफारिशें लागू होंगी या नहीं। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में अंतिम निर्णय हो जाएगा। उसके बाद प्रस्ताव चांसलर कार्यालय भेजा जाएगा। वहां से आगे की कार्रवाई शुरू होगी।
पिछले साल अगस्त में सीनेट चुनाव करवाने का कार्यक्रम जारी किया गया था, लेकिन कोरोना के चलते स्थगित कर दिया गया। दोबारा फिर कार्यक्रम को मंजूरी मिली, लेकिन चुनाव नहीं हो पाए। सीनेट चुनाव करवाने की मांग पर छात्रों से लेकर पूर्व सीनेटरों व सिंडिकेट के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। काफी लंबा संघर्ष चला लेकिन सफलता नहीं मिल पाई।
इसी बीच 31 अक्तूबर को सीनेट का कार्यकाल पूरा हो गया। इसके बाद सिंडिकेट का कार्यकाल भी दिसंबर में पूरा हो गया। चुनाव की संभावनाएं खत्म होने के बाद पूर्व सीनेटर हाईकोर्ट पहुंच गए और हाईकोर्ट में दो माह में सीनेट चुनाव करवाने के आदेश दिए। उसी क्रम में पीयू में चार दिन बाद ही सीनेट चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया।