अमृतसर का मजीठा विधानसभा क्षेत्र में हार-जीत के लड़ाई केवल एमएलए बनने की नहीं है। यहां लड़ाई मंत्रीपद की है। जो भी यहां से जीता, उसकी सरकार बनी तो कैबिनेट मिनिस्टर की कुर्सी पक्की हो जाएगी।
इस विधानसभा क्षेत्र से शिअद-भाजपा की टिकट पर पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया मैदान में है। उनका मुकाबला कांग्रेस के सुखजिंदर राज सिंह (लाली मजीठिया) और आम आदमी पार्टी के एडवोकेट हिम्मत सिंह शेरगिल से है। तीनों उम्मीदवारों से पांच सवाल पूछे गए...
1. किन मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे है?
मजीठिया : विकास, रोजगार, भाईचारा, हाईटेक पंजाब और खुशहाल पंजाब के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं। मजीठा में हुए विकास काम गवाह है। मजीठा का कायाकल्प करने का वचन दिया था, उम्मीद से ज्यादा करके दिखाया है। पंजाब में तीसरी बार सरकार प्रकाश सिंह बादल की अगुवाई में बन रही है। मजीठा सीट पिछले चुनावों से भी अधिक वोटों से जीतूंगा।
लाली मजीठिया : मजीठा को अपराधमुक्त, भयमुक्त, नशामुक्त करने का मुद्दा है। विकास के जो काम हुए, मजीठिया ने खेत बेचकर नहीं किए, जनता का पैसा था। मजीठा में हजारों लोग रात को डरते हैं कहीं मजीठिया न देख ले, वर्ना झूठे पर्चे हो जाएंगे। मजीठा में इस बार हम जीत रहे हैं। आप देखते रहिए चार फरवरी को मजीठा से कांग्रेस का परचम लहराएगा।
शेरगिल : मजीठा के लोगों को इंसाफ दिलाना है। हजारों लोग सताए हुए हैं। झूठे पर्चे हुए हैं। मजीठिया के शासन में शोषण बहुत हुआ है। मैं गुरु नगरी का लाल हूं, यही जन्मा। अब उन लोगों के लिए कानून की लड़ाई लड़ता हूं जिनका शोषण हुआ। मजीठा का शोषण हुआ, पंजाब का शोषण हुआ, मैं मजीठिया को जेल भिजवाने आया हूं। आम इंसान आप को मजीठा से जिताने के लिए तैयार बैठा है।