आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल सत्ता हासिल करने के लिए पंजाब की अमन शांति और धार्मिक सद्भावना को दांव पर लगा रहे हैं। वह ऐसे व्यक्तियों और संगठनों का समर्थन ले रहे हैं, जिनका देश के संविधान में विश्वास नहीं है।
वह पंजाब को दोबारा गृहयुद्ध की तरफ धकेल रहे हैं। यह कहना है शिअद के महासचिव और राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा और दल के महासचिव व लोकसभा सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा का।
उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में केजरीवाल ने चरमपंथियों और अपराधियों के साथ नजदीकियां बनाकर यह संकेत दे दिया है कि आप की सरकार बनने के बाद पंजाब में दोबारा अराजकता का दौर शुरू हो सकता है।