जिला अदालत ने हत्या के प्रयास मामले में दो व्यक्तियों मनिंदर सिंह निवासी लांडरां एवं मनप्रीत सिंह को चार साल की कैद और पांच-पांच हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की स्थिति में तीन महीने की सजा और काटनी होगी।
जानकारी के मुताबिक गुरसिमरन की शिकायत पर थाना खरड़ में 2010 में सौदागर सिंह, मनप्रीत सिंह, मनजीत सिंह, बलविंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
गुरसिमरन ने पुलिस को बताया था कि नौ अगस्त 2010 को शाम चार बजे वह अपने चाचा के बेटों सतनाम सिंह व जतिंदर सिंह को धड़ाक कलां लेने जा रहा था। जब वह गांव स्वाड़ा के मोड़ पर पहुंचा, तो उसने देखा कि उसके चाचा के लड़कों को कुछ लोग हथियारों से मार रहे थे।
इसमें सौदागर सिंह, मनिंदर सिंह निवासी लांडरां समेत कई अज्ञात लोग थे। उसने तुरंत घटना की सूचना अपने चाचा को दी। साथ ही वहां शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद हमलवार कारों में भाग गए।
घटना के बाद घायलों को पहले फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल में भरती कराया था। बाद में उन्हें जीएमसीएच-32 में रैफर कर दिया गया। आरोपियों में से सौदागर सिंह की हत्या हो चुकी है। मनिंदर एवं मनप्रीत पुलिस द्वारा काबू किए गए थे। जबकि अन्य आरोपी भगौड़े घोषित किए जा चुके हैं।