चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को यूटी प्रशासन से पूछा कि क्या सेक्टर-26 में सब्जी मंडी में सफाई का काम कानूनी तौर पर प्राइवेट एजेंसियों को आउटसोर्स किया जा सकता हैं। कोर्ट ने अब मंडी की बदहाली के लिए जिम्मेदार अफसरों पर की गई कार्रवाई का ब्योरा सौंपने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मंडी में गंदी हालत, अतिक्रमण और टूटे हुए इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए खुद से संज्ञान लिया है।
कोर्ट में प्रशासन ने बताया कि मंडी में सैनिटेशन का काम, जिसमें रोज़ाना की सफाई भी शामिल है, थर्ड-पार्टी को दिया गया है। कोर्ट को बताया गया कि खराब रखरखाव की शिकायतों के बाद सैनिटरी इंस्पेक्टर को कारण बताओ नोटिस और चेतावनी जारी की गई थी। बेंच ने कहा कि सैनिटेशन की निगरानी, अतिक्रमण रोकने और इलाके का रखरखाव पक्का करने के लिए जिम्मेदार मार्केट कमेटी के अपने अधिकारियों की जवाबदेही पर हलफनामे में कोई बात नहीं की गई। कोर्ट ने कहा कि क्या मूल जिम्मेदारियों को आउटसोर्स किया जा सकता है। कुछ बहुत ही बेसिक म्युनिसिपल काम ऐसे होते हैं जिन्हें आपके अपने कर्मचारियों को ही करना चाहिए ताकि उन पर आपका कंट्रोल रहे।
प्रशासन ने कहा कि समय-समय पर सफाई की जा रही है और सैनिटेशन कॉन्ट्रेक्टर को चेतावनी जारी की गई है। बेंच ने कहा कि हाल की तस्वीरों में अभी भी कूड़ा दिख रहा है, तो प्रशासन ने कहा कि तस्वीरें सुबह की सफाई से पहले ली गई थीं और अतिक्रमण पहले ही हटा दिया गया है। बेंच ने कहा कि असली जिम्मेदारी मार्केट कमेटी के अपने सुपरवाइजरी अधिकारियों की है, आउटसोर्स स्टाफ को सिर्फ चेतावनी देना काफी नहीं है।